सहरसा- फारबिसगंज रेलखंड के अमान परिवर्तन का काम भी चल रहा धीमी गति से
राघोपुर : वर्ष 2008 की त्रासदी ने फारबिसगंज-सहरसा के बीच परिचालित रेल मार्ग में सुपौल के विभिन्न स्थानों के रेलखंड को तहस नहस कर दिया था. इस कारण जिले के अधिकांश भागों के हजारों यात्री रेल सुविधा से वंचित हैं. उक्त रेलखंड को पुन: चालू किये जाने को लेकर प्रयास भी किया गया, लेकिन जन प्रतिनिधि से लेकर विभागीय पदाधिकारी द्वारा उक्त मुददे पर मंथन किये जाने के बाद अमान परिवर्तन कर बड़ी रेल लाइन बनाये जाने की बात कही गयी.
इसके साथ ही कोसी व मिथिलांचल के मिलन को लेकर कोसी रेल महासेतु का शिलान्यास भी किया गया. तकरीबन 12 वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी रेल परिचालन का कार्य संभव नहीं हो पाया है. इधर सहरसा- फारबिसगंज रेलखंड के अमान परिवर्तन कार्य को लेकर सरकार द्वारा बजट में भी शामिल किया गया. लेकिन कार्य की गति काफी धीमी रहने के कारण लोग हैरान व परेशान नजर आ रहे हैं.
