प्रशिक्षण लेकर कैदी बनेंगे आत्मनिर्भर

नगर परिषद की है अनूठी पहल सुपौल : सुपौल मंडल कारा में बंद कैदियों के कौशल विकास व उन्हें आत्मनिर्भर बना कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नगर परिषद ने एक अभिनव प्रयास प्रारंभ किया है. इस पहल के तहत प्रथम चरण में महिला कैदियों को सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया […]

नगर परिषद की है अनूठी पहल

सुपौल : सुपौल मंडल कारा में बंद कैदियों के कौशल विकास व उन्हें आत्मनिर्भर बना कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नगर परिषद ने एक अभिनव प्रयास प्रारंभ किया है. इस पहल के तहत प्रथम चरण में महिला कैदियों को सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि ये महिलाएं जेल से निकलने के बाद स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकें साथ ही उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सके.
आजीविका मिशन के तहत समूह का गठन: नगर परिषद ने यह प्रयास केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत प्रारंभ किया है. इसके लिए सबसे पहले स्थानीय मंडल कारा में बंद महिला कैदियों को रोजगार परक कार्य कुशलता प्रदान करने के लिए उन्हें एनयूएलएम (राशआमि) के दायरे में लाते हुए शुक्रवार को उनके स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है. फिर शनिवार को समूह की सदस्य महिलाओं के बीच प्रशिक्षण किट का वितरण किया गया, ताकि समूह के लिए स्वरोजगार परक प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा सके.
दस दिनों तक मिलेगा प्रशिक्षण: नप के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि जेल में बंद महिला कैदी के कौशल व आत्मसम्मान वृद्धि के लिए यह प्रयास शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि फिलहाल जेल में बंद 14 महिला बंदी इस स्वयं सहायता समूह में शामिल हुई हैं. उन्हें योजना के अनुरूप 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के दौरान बंदी महिलाओं को कुशल प्रशिक्षकों द्वारा सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटीशियन की ट्रेनिंग दी जायेगी.

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