सुपौल : जिले में ठंड व शीतलहर का प्रकोप निरंतर जारी है. तेज हवा व सिहरन भरी ठंड की वजह से आम जन जीवन बेहाल हो गया है. आलम यह है कि दिन चढ़ने के बावजूद कुहासे व धुंध की वजह से सूर्य देव का दर्शन दुर्लभ हो रहा है. वहीं पछुआ हवा के झोकों […]
सुपौल : जिले में ठंड व शीतलहर का प्रकोप निरंतर जारी है. तेज हवा व सिहरन भरी ठंड की वजह से आम जन जीवन बेहाल हो गया है. आलम यह है कि दिन चढ़ने के बावजूद कुहासे व धुंध की वजह से सूर्य देव का दर्शन दुर्लभ हो रहा है. वहीं पछुआ हवा के झोकों से ठंड में व्यापक वृद्धि देखी जा रही है. हाड़ कपाने वाली ठंड की वजह से लोग घरों में दुबकना बेहतर मान रहे हैं. नतीजा है कि बाजार की सड़कें आम तौर पर सूनी नजर आती हैं.
आवश्यक कार्य से ही लोग घरों से निकलते हैं. रविवार को भी तकरीबन पूरे दिन कुहासा छाया रहा. विशेष कर सुबह से लेकर दोपहर तक धुंध इतनी घनी थी कि सड़कों पर मात्र दस से बीस मीटर की विजिविलिटी नजर आ रही थी. यही वजह है कि कुहासे के बीच वाहन चालकों को दिन में ही लाइट जला कर गाड़ी चलाना पड़ रहा था.
कार्यालयों में भी रहता है सन्नाटा
गत चार दिनों से ठंड में वृद्धि के कारण जहां आम नागरिक हलकान हैं. वहीं ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों व दफ्तर जाने वाले कर्मियों पर दिख रहा है. कपकपाती ठंड के बीच स्कूल कॉलेज व दफ्तर जाना काफी कठिन साबित हो रहा है. हालांकि प्रशासन द्वारा ठंड के मद्देनजर प्रारंभिक विद्यालय दो दिनों के लिए बंद किया गया था. लेकिन समय में बदलाव के साथ फिर से इन्हें खोल दिया गया है. जिसका खामियाजा स्कूल जाने वाले छात्र – छात्रा व कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है