मंथर गति से हो रहे अमान परिवर्तन के कार्य से खफा हैं कोसीवासी

मंथर गति से हो रहे अमान परिवर्तन के कार्य से खफा हैं कोसीवासी हेडिंग ——मेगा ब्लॉक के नाम पर ठगे जा रहेआवागमन के लिए नहीं की गयी कोई वैकल्पिक व्यवस्थाफोटो- 05,06,कैप्सन- मीटर गेज की पटरी व आमान परिवर्तन के नाम पर पटरी बिछा कर छोड़ दिया कार्य. प्रतिनिधि, सिमराही दो भागों में विभक्त मिथिला को […]

मंथर गति से हो रहे अमान परिवर्तन के कार्य से खफा हैं कोसीवासी हेडिंग ——मेगा ब्लॉक के नाम पर ठगे जा रहेआवागमन के लिए नहीं की गयी कोई वैकल्पिक व्यवस्थाफोटो- 05,06,कैप्सन- मीटर गेज की पटरी व आमान परिवर्तन के नाम पर पटरी बिछा कर छोड़ दिया कार्य. प्रतिनिधि, सिमराही दो भागों में विभक्त मिथिला को जोड़ने के लिए वाजपेयी की सरकार ने कोसी को कोसी महासेतु एवं रेल महा सेतु का बहुत बड़ा तोहफा दिया. इसमें रोड महासेतु पर परिचालन तो शुरू हो गया, लेकिन 1934 में आये विनाशकारी भूकंप से ध्वस्त हुए रेल महासेतु के मंथर गति से हो रहे निर्माण कार्य ने कोसी के लोगों के सपना को चकनाचूर कर दिया है. अब-तब के इंतजार में 12 वर्ष बीत गये. फिर भी रेल महासेतु का सपना लोगों का धरा का धरा रह गया. आज दुनिया तरक्की के मार्ग पर बुलेट ट्रेन से सफर का सपना देख रही है, लेकिन कोसी क्षेत्र के लोगों का दुर्भाग्य कहे या कुछ और लेकिन हकीकत यही है कि रेल महासेतु तो दूर सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड पर वर्ष 2008 में आयी कुसहा त्रासदी के बाद रेल का परिचालन काफी दिनों तक बाधित रहा. आज भी इस रेल खंड पर रेल का परिचालन सहरसा से थरबिटिया तक ही है और अमान परिवर्तन के नाम पर फिर कोसी के लोगों को ठगा गया. शायद यह रेल खंड हिंदुस्तान का पहला रेल खंड है, जहां आज तक अंग्रेजों के जमाने की रेल मीटर गेज ही चल रही है. इसे कोसी के लोगों के साथ सरकार का छलावा नहीं तो और क्या कहेंगे. जो आज भी सरकार की नीतियों के आगे अपने आप को बौना समझ रहे हैं. लाचार वश भाड़े के वाहनों से एक दूसरे जगह जाने के लिए अपना पॉकेट ढीला करने के लिए मजबूर हैं.मेगा ब्लॉक के बाद भी निराश है लोग 20 जनवरी, 2012 से राघोपुर -फारबिसगंज के बीच मेगा ब्लॉक कर दिया गया. इससे लोगों को लगा कि अब कोसी के रेल के दिन फिरने वाले हैं. पर, कछुआ रफ्तार से हो रहे कार्य ने यहां के लोगों को एक बार फिर निराश कर दिया है. एक तरफ राघोपुर-फारबिसगंज पर अमान परिवर्तन का कार्य पूरा भी नहीं हुआ कि मेगा ब्लॉक के नाम पर पुन: थरबिटिया तक रेल परिचालन को बंद कर दिया गया. केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी सरकार से लोगों को काफी अपेक्षा थी कि वाजपेयी जी के सपनों को नरेंद्र मोदी जरूर साकार करेंगे. पर, अमान परिवर्तन पर केंद्र सरकार की उदासीनता इस रेल खंड पर चल रहे कार्य की हकीकत को बयां करने के लिए पर्याप्त है.वर्ष 2004 में रखी गयी थी आधार शिला तत्कालीन वाजपेयी जी सरकार में रेलमंत्री नीतीश कुमार ने सरायगढ़ पहुंच कर वर्ष 2004 में सहरसा-फारबिसगंज रेल खंड के अमान परिवर्तन की आधारशिला रखी थी. 335 करोड़ की लागत से स्वीकृत इस परियोजना को रक्षा मंत्रालय से स्वीकृति के बाद ही इसे पूरक बजट में लिया गया है. उस समय में सभी नेताओं ने सुरक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से सीमावर्ती क्षेत्र में रेलवे के अमान परिवर्तन को अति महत्वपूर्ण बताया था. पर, सीमावर्ती क्षेत्र रहने के बावजूद सरकार का रेल को लेकर संवेदनहीन होना न सिर्फ कोसी के लोगों के साथ छलावा है, बल्कि सीमा सुरक्षा के मद्देनजर भी घातक है. इसका खामियाजा आने वाले समय में भुगतना पर सकता है. मेगा ब्लॉक से आम लोग हैं हलकान रेलवे विभाग द्वारा अमान परिवर्तन के नाम पर कोसी के लोगों को 11 वर्षों से ठगा जा रहा है. एक कार्य पूर्ण हुआ नहीं और अमान परिवर्तन के नाम पर पुन: थरबिटिया तक बंद कर दिया गया. बंद रेल खंड की जगह इस क्षेत्र के आवागमन के लिए सरकार द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी. जिसके कारण यहां के लोगों को 15 से 20 गुणा अधिक भाड़ा वहन कर यात्रा करने की मजबूरी बनी हुई है. जिसके चलते जिले के लोगों को एक दूसरे जगह आवागमन के साथ अन्य जगहों पर जाने के लिए भारी आर्थिक शोषण का शिकार होना पर रहा है. रेल मंत्री को पत्र भेज जतायी नाराजगीफारबिसगंज से थरबिटिया तक अमान परिवर्तन के कार्य में तेजी लाये जाने व राघोपुर स्टेशन पर पूर्व की भांति आरक्षण केंद्र खोले जाने को लेकर गणपतगंज चित्रगुप्त परिषद के लोगों ने बैठक कर नाराजगी व्यक्त की है. परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति के सदस्यों ने तीन वर्षों से राघोपुर- फारबिसगंज रेल लाइन का मेगा ब्लाॅक करने के बावजूद कार्य पूरा नहीं किये जाने पर खेद व्यक्त किया. साथ ही रेल मंत्री को पत्र देकर इस रेल खंड पर अमान परिवर्तन के कार्य को अविलंब पूरा किये जाने की मांग की है. रेल मंत्री को भेजे पत्र में लोगों ने कहा है कि सरकार ने इस रेल खंड पर अमान परिवर्तन का कार्य शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो यहां के लोग उग्र आंदोलन करेंगे.

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