हर्षोल्लास के साथ मनी मकर संक्रांति

हर्षोल्लास के साथ मनी मकर संक्रांति फोटो – 12 व 13कैप्सन – लाई का लुफ्त उठाते बच्चे व युवा सुपौल जिले भर में मकर संक्रांति का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. मकर संक्रांति के त्योहार को लेकर एक पखबाड़े पूर्व से ही लोगों द्वारा विशेष तरीके से तैयारी की जा रही थी. यहां तक […]

हर्षोल्लास के साथ मनी मकर संक्रांति फोटो – 12 व 13कैप्सन – लाई का लुफ्त उठाते बच्चे व युवा सुपौल जिले भर में मकर संक्रांति का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. मकर संक्रांति के त्योहार को लेकर एक पखबाड़े पूर्व से ही लोगों द्वारा विशेष तरीके से तैयारी की जा रही थी. यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों में धान के अच्छे किस्म से चूड़ा व चावल तैयार किया जा रहा था. ताकि बेहतर तरीके से खिचड़ी, लाई आदि सामग्री बनायी जा सके. शुक्रवार के अहले सुबह मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने समीप के सरोवर व नदी में जाकर स्नान किया. साथ ही पूजा – अर्चना कर भोजन सामग्री बनाने में जुट गये. इस त्योहार में खास कर तिल का विशेष महत्व रहता है. जिस कारण सभी खाद्य सामग्रियों में तिल का उपयोग किया जाता है. लोगांे को खिलाये जाने की परंपरा कोसी इलाके में मकर संक्रांति के मौके पर भोजन कराये जाने की भी परंपरा रही है. खास कर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक देखा जाता है. इस मौके पर अधिकांश घरों में ब्राह्मणों को खिचड़ी के साथ कई प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं. उक्त सभी व्यंजन बनाये जाने के दौरान तिल का भी उपयोग किया जाता है. जबकि कई घरों में दही, चूड़ा व तिल कूट का उपयोग कर मकर संक्रांति का त्योहार उत्साह के साथ मनाया गया.जबकि शहरी क्षेत्रों में सेठ – साहुकारों द्वारा वस्त्र सहित अन्य वस्तुओं का दान का कार्य किया जाता है. तिल खिला कर लेते हैं आश्वासन मकर संक्रांति के मौके पर जिले भर के बुजुर्गों ने नित्य क्रिया से निवृत होकर पूजा – अर्चना किया. साथ ही पूजा में चढ़ाये गये तिल, चावल व गुड़ को बच्चे व युवाओं को खिलाया. उक्त प्रसाद को खिलाते वक्त बुजुर्गों ने ” तिल- तिल बहने ” यानी जीवन भर साथ – साथ रहने व जीवन के उपरांत कंधा देने का संकल्प लिया. इस दौरान वच्चे व युवाओं ने प्रसाद ग्रहण करते हुए पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया. त्योहार को लेकर दिन भर बधाई देने का सिलसिला जारी रहा. साथ ही दूर दराज क्षेत्र में रह रहे लोगों को दूरभाष से संपर्क साध कर शुभ कामना दिया. लाई-मूढ़ी का बच्चों ने उठाया लुत्फ त्योहारों में बच्चों की उत्सुकता देखते ही बनती है. इस त्योहार के मौके पर जिले के अधिसंख्या घरों में चूड़ा, चावल, मूढ़ी, तिल सहित अन्य सामग्रियों में गुड़ व चीनी मिला कर लाई तैयार किया गया. तैयार लाई के विभिन्न स्वरूपों पर बच्चे आपस में अपने – अपने लाई को बेहतर साबित करने में जुटे रहे. इसे लेकर बच्चों में काफी उत्सुकता का माहौल बना रहा. साथ ही तिल संक्रांति के मौके पर बच्चों ने एक साथ मिल कर लाई सहित अन्य व्यंजनों का लुफ्त उठाया. अपराह्न काल में खेत खलिहान जाकर बच्चों ने पतंग उड़ा कर व एक दूसरे के पतंग को काट कर खुशियां मनायी.

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