53.90 करोड़ की लागत से होना है एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण
134 एकड़ भूमि की गयी है अधिग्रहित
अधिग्रहित भूमि का नहीं मिला है मुआवजा
30 माह के भीतर किया जाना है निर्माण कार्य पूरा
सरायगढ़ : भारत-नेपाल सीमा से सटे किसनपुर एवं निर्मली प्रखंड के मध्य निर्माणाधीन एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र निर्माण पर एक बार फिर ग्रहण लग गया है. स्थानीय ग्रामीणों ने जमीन का मुआवजा नहीं दिये जाने के कारण निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया है. किसनपुर प्रखंड के आसनपुर कुपहा गांव में 134 एकड़ भूमि में करीब 53.90 करोड़ की लागत से बनने वाले देश के चौथे एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र का सामरिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्व है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध की वजह से करीब एक सप्ताह से चाहर दीवारी एवं भवन निर्माण कार्य बाधित है.
नहीं हुआ मुआवजे का भुगतान
जानकारी के अनुसार आसनपुर कुपहा पंचायत में बनने वाले इस प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि मालिकों को जमीन का मुआवजा दिया जाना था.लेकिन अभी तक किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है.हालांकि कैंप के तीनों ओर चाहर दीवारी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है.केवल पूर्वी भाग में बसे करीब दो दर्जन परिवारों के घर को हटा कर चाहर दीवारी का निर्माण होना था.लेकिन वहां बसे लोगों ने बिना मुआवजा भुगतान के जमीन खाली करने से मना कर दिया और निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया है.
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
जिले में एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र निर्माण की घोषणा मात्र से जिले वासियों में काफी खुशी देखी जा रही है. इस प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के बाद प्रति वर्ष यहां 1500 जवानों को प्रशिक्षित किया जायेगा.इससे ना सिर्फ बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि पलायन पर भी विराम लगने की संभावना है.कुल मिला कर यह प्रशिक्षण केंद्र जिले के लिए एक बड़ी सौगात है.
जून, 2013 में रखी गयी थी आधारशिला
भपटियाही स्थित बिहारी गुरमैता उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में 25 जून 2013 को तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह की उपस्थिति में इस प्रशिक्षण केंद्र की आधार शिला रखी गयी थी.जिसके बाद निर्माण कंपनी एनबीसीसी द्वारा 20 अप्रैल 2015 को निर्माण कार्य आरंभ किया गया. वहीं इस कार्य के समाप्ति की तिथि 30 माह निर्धारित है. कैंप के तीन दिशाओं में बाउंड्री वाल का निर्माण पूरा कर लिया गया है, लेकिन पूर्वी भाग में चाहरदीवारी एवं उसके अंदर भवन का निर्माण होना बाकी है.
कैंप बनने के बाद आयेगी समृद्धि
आर्थिक दृष्टिकोण से काफी पिछड़े इस जिले को हाल के दिनों में कई बड़ी योजनाओं का सौगात मिला है.सात दशक से विभक्त कोसी व मिथिलांचल को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयास से एनएच 57 एवं कोसी महासेतु का निर्माण कर एकीकृत कर दिया गया.वहीं कोसी रेल महा सेतु का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है. आमान परिवर्तन का कार्य प्रगति पर है. वहीं एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के बाद जिले के आर्थिक समृद्धि का द्वार खुलने की संभावना जतायी जा रही है. लेकिन ग्रामीणों द्वारा कार्य पर रोक लगा दिये जाने से आम लोगों की चिंता बढ़ गयी है. हालांकि अधिकारी जल्द समाधान निकलने की बात कर रहे हैं.
कहते हैं अधिकारी
एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कर रही एनबीसीसी के उप महा प्रबंधक अमित जैन ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कैंप के उत्तर दिशा में निर्माणाधीन चाहर दीवारी एवं भवन निर्माण का कार्य रोक दिया गया है.उन्होंने बताया कि वरीय अधिकारियों को सूचित किया गया है. शीघ्र ही बैठक कर समस्या का समाधान कर लिया जायेगा.
