फोटो -06कैप्सन- कार्तिक सिंह का फाइल फोटोप्रतिनिधि, सुपौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अरबन ट्रांसफॉर्मेशन (अमरत) योजना शुरू किया गया है.इस योजना के तहत एक लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों का चुनाव कर वहां ठोस कचरा प्रबंधन , ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति, रोड, स्ट्रीट लाइट, बस स्टैंड सहित सभी तरह की सुविधाओं का विकास किया जा सके. इसके लिए केंद्र सरकार ने अलग से बजट का प्रावधान भी किया है. लेकिन राज्य सरकार के भेदभाव पूर्ण नीति के कारण सुपौल जिले का चयन इस योजना के लिए नहीं हो पाया.भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कार्तिक कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि केंद्र सरकार द्वारा पिछड़े शहरों का चयन कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश बिहार सरकार को दिया गया था.लेकिन राज्य सरकार ने साजिश के तहत सुपौल को इस सूची में शामिल नहीं किया.उन्होंने कहा है कि सुपौल एक अविकसित शहर है.इस योजना में शामिल होने के बाद शहर का चहुमुंखी विकास होता.उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य सरकार के एक प्रभावशाली मंत्री इसी क्षेत्र से आते हैं. लेकिन ना ही मंत्री और ना ही सरकार को सुपौल की चिंता है.उन्होंने कहा कि सुपौल को इस योजना में शामिल करने हेतु संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू से मुलाकात कर अनुरोध किया जायेगा.
सरकार सुपौल के साथ कर रही है भेदभाव :कार्तिक
फोटो -06कैप्सन- कार्तिक सिंह का फाइल फोटोप्रतिनिधि, सुपौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अरबन ट्रांसफॉर्मेशन (अमरत) योजना शुरू किया गया है.इस योजना के तहत एक लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों का चुनाव कर वहां ठोस कचरा प्रबंधन , ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति, रोड, स्ट्रीट लाइट, बस स्टैंड सहित सभी तरह […]
