सुपौल: जिले में प्राकृतिक आपदाओं का दौर अभी थमा भी नहीं है कि अब गरमी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. जिले में इस वर्ष का सबसे अधिक गरम दिन शनिवार दर्ज हुआ. जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं आद्र्रता (हवा में नमी की मात्र) 36 फीसदी रही. आद्र्रता के कारण लोगों को और भी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गरमी केबढ़ते प्रकोप ने लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल कर दिया है.वहीं पुरवा हवा लू का संकेत दे रही है.
बढ़ रहे मरीज : जिले में गरमी का प्रकोप करीब 10 दिनों से जारी है. शुक्रवार को अधिकतम 43 व न्यूनतम 26, जबकि गुरुवार को अधिकतम 42 व न्यूनतम 27 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. जाहिर है बढ़ती गरमी के कारण लोग बीमारियों के शिकार होंगे. सरकारी व निजी अस्पतालों में डायरिया, टाइफाइड व गरमी से होने वाली अन्य बीमारियों के इलाज के लिए रोगियों की कतारें लगनी आरंभ हो गयी हैं. मरीजों की संख्या में हर दिन इजाफा होता नजर आ रहा है.
तन ढक कर निकलें बाहर : गरमी के कहर को देखते हुए आम तौर पर लोग घर से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं. वही जो लोग बाहर निकलते हैं, वे झुलस से बचने के लिए अपने तन को पूरी तरह ढक कर ही बाहर निकल रहे हैं. छाता का प्रयोग करने वालों की भी कोई कमी नहीं है.
