एटीएम में लगे सीसीटीवी किसी काम के नहीं

सरायगढ़. विभिन्न बैंकों के एटीएम में भले ही सीसीटीवी लगे हों, लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से बेकार साबित हो रहा है.इस तथ्य का खुलासा भपटियाही पुलिस द्वारा फर्जी निकासी मामले में अनुसंधान के क्रम में हुआ है.जाहिर है बैंक प्रबंधन की उदासीनता की वजह से सीसीटीवी महज शोभा की वस्तु बनी हुई है. भपटियाही […]

सरायगढ़. विभिन्न बैंकों के एटीएम में भले ही सीसीटीवी लगे हों, लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से बेकार साबित हो रहा है.इस तथ्य का खुलासा भपटियाही पुलिस द्वारा फर्जी निकासी मामले में अनुसंधान के क्रम में हुआ है.जाहिर है बैंक प्रबंधन की उदासीनता की वजह से सीसीटीवी महज शोभा की वस्तु बनी हुई है. भपटियाही थाना में फर्जी निकासी से संबंधित कांड संख्या 119/14 दर्ज है.किसनपुर थाना क्षेत्र के मुरली निवासी धीरेंद्र यादव 10 सितंबर 2014 को पंजाब नेशनल बैंक की सिमरी शाखा में लगे एटीएम से रुपये निकाल कर जब गिन रहा था तो किसी शख्स ने उसी दौरान उनका एटीएम बदल लिया.बाद में उस एटीएम से एसबीआई किसनपुर एटीएम से 32 हजार रुपये की निकासी की गयी.उसके बाद मुजफ्फरपुर में उसी दिन खाता संख्या 31716511466 में 14 हजार 700 रुपये ट्रांसफर किया गया.खाता संख्या के आधार पर फर्जीवाड़ा करने वाले की पहचान मधुबनी जिला के सकरी थाना क्षेत्र के गंधवारी गांव के राजीव राम के रूप में हुई.इस आधार पर राजीव राम को गिरफ्तार कर लिया गया.थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने जब मामले का अनुसंधान आरंभ किया तो पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक ने लिखित रूप से बताया कि तकनीकी खराबी के कारण सीसीटीवी में फुटेज उपलब्ध नहीं रह सका.जबकि एसबीआई किसनपुर के शाखा प्रबंधक ने लिखित तौर पर बताया कि सीसीटीवी का हार्ड डिश्क भर जाने के कारण फुटेज उपलब्ध नहीं हो सकता है.जाहिर है कि बैंक प्रबंधन की लापरवाही की वजह से सीसीटीवी की उपयोगिता सवालों के घेरे में है.

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