भारतीय वन सेवा के अधिकारी कुमार मनीष अरविंद को साहित्य अकादमी पुरस्कार

सुपौल: सुपौल के कुमार मनीष अरविंद को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है. बुधवार को इसकी घोषणा की गयी. कुमार मनीष अरविंद मैथिली के महत्वपूर्ण रचनाकार हैं. इनका जन्मपंद्रह अक्टूबर उन्नीससौ चौसठ को सुपौल जिले के बसावनपट्टी में हुआ था. मैथिली की इनकी पहली किताब मिझायल सूर्य क नगर (कविता) किसुन संकल्प लोक, सुपौल से 2001 […]

सुपौल: सुपौल के कुमार मनीष अरविंद को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है. बुधवार को इसकी घोषणा की गयी. कुमार मनीष अरविंद मैथिली के महत्वपूर्ण रचनाकार हैं. इनका जन्मपंद्रह अक्टूबर उन्नीससौ चौसठ को सुपौल जिले के बसावनपट्टी में हुआ था. मैथिली की इनकी पहली किताब मिझायल सूर्य क नगर (कविता) किसुन संकल्प लोक, सुपौल से 2001 में छपीथी. जबकि, हिंदी में कविताओं की पहली किताब और कितनी यातनाएं 1995 में छपी थी. अभी तक हिंदी और मैथिली में इनकी दस किताबें आ चुकी हैं.

मैथिली की नयी धारा के कवि, कथाकार और संस्मरण लेखक मनीष किसी परिचय के मोहताज नहीं है. वे साहित्य अकादमी के परामर्शदातृ समिति के सदस्य भी हैं. उन्होंने कई किताबों का संपादन भी किया है. इससे पहले इन्हें मैथिली सृजन सम्मान, यात्री पुरस्कार, कीतिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान से भी नवाजा गया है. जिनगीक ओरिआओन करैत कविता संग्रह पर इन्हें 2019 का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है. ये भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं और फिलहाल पलामू में पदस्थापित हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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