सुपौल : सीएम नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी योजना में शामिल सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल योजना नगर परिषद क्षेत्र में फ्लॉप साबित हो रहा है. विगत तीन वर्षों से संचालित इस योजना का लाभ नगर परिषद क्षेत्र के लोगों को अब तक नहीं मिल पाया है. लिहाजा नगर परिषद क्षेत्र में आवासित लोग आयरन युक्त पानी पीने को विवश हो रहे हैं. खास कर गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले लोग आज भी परंपरागत जलस्रोत पर निर्भर हैं.
1504 घरों तक नल का बिछा पाइप, नहीं निकल रहा पानी, परंपरागत जलस्रोत पर निर्भर हैं लोग
सुपौल : सीएम नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी योजना में शामिल सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल योजना नगर परिषद क्षेत्र में फ्लॉप साबित हो रहा है. विगत तीन वर्षों से संचालित इस योजना का लाभ नगर परिषद क्षेत्र के लोगों को अब तक नहीं मिल पाया है. लिहाजा नगर परिषद क्षेत्र […]

गरीब व मजदूर वर्ग के लोग चापाकल के सहारे अपनी प्यास बुझा रहे हैं. जिस कारण उनलोगों के बीच जल जनित रोग अपना पांव पसारना शुरू कर दिया है. ये लोग जल जनित रोग से ग्रसित हो चुके हैं. लेकिन नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संचालित हर घर नल का जल का लाभ उनलोगों को नहीं मिल रहा है.
वित्तीय वर्ष 2016-17 में उपलब्धि रहा शून्य : जानकारी अनुसार नगर परिषद क्षेत्र में 14 हजार 380 घरों की संख्या है. जिसमें 01 हजार 692 घर पूर्व से ही नल जल की सुविधा से युक्त है. लिहाजा विभाग द्वारा 12 हजार 688 घरों में नल का जल पहुंचाना था.
वित्तीय वर्ष 2016-17 में 13 वार्ड के 634 घरों में हर घर नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्ति तक एक भी घर में नल का जल नहीं पहुंचाया जा सका. लेकिन संबंधित कार्य एजेंसी पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गयी.
वहीं वित्तीय वर्ष 2017-18 में 15 वार्डों के लिये 03 हजार 874 घरों में नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया. लेकिन 1504 घरों तक नल का पाइप बिछा कर छोड़ दिया गया. जहां अब तक लगाये गये नल सूखे पड़े हैं. जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में 28 वार्ड के 11 हजार 184 घरों में नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया. जहां लक्ष्य के अनुरूप सभी घरों तक नल का जल पहुंचाने के लिये कार्य प्रारंभ कर दिया गया.
सभी वार्डों में पाइप बिछा कर छोड़ा
बताया जा रहा है कि शहर के सभी वार्डों में हर घर नल का जल के लिये पाइप बिछा दिया गया है. कई वार्डों में तीन वर्ष पूर्व ही पाइप बिछाने का कार्य पूर्ण करा लिया गया. लेकिन कार्य का अनुश्रवण व समीक्षा नहीं किये जाने का नतीजा रहा कि 2019 के नवंबर माह के प्रथम सप्ताह तक भी किसी भी वार्ड में योजना के लाभ से शहर वासी लाभान्वित नहीं हो सकें हैं.
मंथर गति से चल रहे योजना को लेकर अब प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि के प्रति जनता में आक्रोश देखा जा रहा है. कई स्थानों पर पक्की रोड को तोड़ कर पाइप बिछाया गया. लेकिन उसका मरम्मत भी नहीं किया गया. जिस कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
कहते हैं पदाधिकारी
इस बाबत नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी भवेश कुमार ने बताया कि शहर के 16 वार्डों में वुडको एवं 12 वार्डों में नगर परिषद द्वारा हर घर नल का जल पहुंचाने का कार्य कराया जा रहा है. नप द्वारा 06 वार्डों में कार्य पूर्ण कर लिया गया है. जहां पानी की क्वालिटी की जांच की जा रही है. शेष वार्डों में भी तीव्र गति से कार्य संचालित है.
नगर परिषद क्षेत्र को बांटा गया है दो भागों में
नगर परिषद क्षेत्र में कुल 28 वार्ड हैं. जहां लाखों लोग आवासित हैं. हर घर नल का जल पहुंचाने के लिये विभाग द्वारा वार्ड को दो भागों में विभक्त किया गया है. जिसमें16 वार्ड वुडको एवं 12 वार्ड में नगर परिषद द्वारा कार्य कराया जा रहा है. वार्ड नंबर 01 से 10, 13, 14, 15, 26, 27 व 28 वार्ड में वुडको द्वारा कार्य किया जा रहा है. वहीं वार्ड नंबर 11, 12 एवं 16 से 25 तक नगर परिषद द्वारा कार्य कराया जा रहा है. लेकिन वुडको व नप द्वारा संचालित इस योजना का लाभ लोगों को निकट भविष्य में मिलता नहीं दिख रहा है.