छातापुर : विजया दशमी के दिन हाई स्कूल चौक स्थित मल्लाह बस्ती में थाना पुलिस का कहर टूटने के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है. गुरुवार को बस्ती पर पहुंचने के बाद देखा गया कि सभी पुरूष सदस्य अपने घरों से पलायन कर चुके हैं. महिलाएं और बच्चे ही घरों में मौजूद हैं. लेकिन सभी डरे सहमे हुए हैं. बस्ती के सभी परिवार गरीब हैं और मेहनत मजदूरी कर अपने तथा अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं.
पुलिसिया कार्रवाई के बाद बस्ती में पसरा सन्नाटा, सहमे हैं लोग
छातापुर : विजया दशमी के दिन हाई स्कूल चौक स्थित मल्लाह बस्ती में थाना पुलिस का कहर टूटने के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है. गुरुवार को बस्ती पर पहुंचने के बाद देखा गया कि सभी पुरूष सदस्य अपने घरों से पलायन कर चुके हैं. महिलाएं और बच्चे ही घरों में मौजूद हैं. लेकिन सभी डरे […]

लेकिन पुलिस द्वारा निहत्थे लोगों पर पहले बर्बरतापूर्ण कार्रवाई फिर बाद में नामजद और अज्ञात लोगों पर प्राथमीकि दर्ज किये जाने से सभी मर्माहत हैं. उनलोगों को केश मुकदमा से कभी वास्ता नहीं रहा है. महिलाओं ने बताया कि विजया दशमी के दिन सभी घरों में लोग पूजा पाठ कर मेला देखने की तैयारी में जुटे हुए थे.
लेकिन आमजनों की रक्षा करने वाली पुलिस भक्षक बन गई और दर्जनों की संख्या में बस्ती में घुसकर लोगों को अपने आक्रोश का शिकार बनाया. पुलिस की हैवानियत इस कदर थी कि उनलोगों ने नवरात्रा में रहने वाली महिलाओं को भी नहीं बख्शा. थानाध्यक्ष के नेतृत्व में लाठी भांजती पुलिस ने ध्यान पर बैठी मसोमात वृद्ध सोमनी देवी का पैर तोड़ दिया. लाठीचार्ज में तीन महिला सहित आधा दर्जन लोग जख्मी हुए.
बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा जख्मियों का उपचार सरकारी स्तर पर कराने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन उपचार के लिए प्रशासन से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा है. उपचार हेतु ब्याज पर कर्ज उठाकर पैसे की व्यवस्था करने को मजबूर हैं.
अमानत में रखी हुई बाइक स्वार्थ सिद्धि के लिए जबरन कब्जाना चाहती थी पुलिस . महिलाओं ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद बाइक मालिक ने बच्ची का समुचित उपचार कराने तक बाइक को परिजनों के पास अमानत रखा था.
लेकिन पुलिस अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए जबरन कब्जाना चाहती थी. दुर्घटना की रात बाइक सवार एक युवक को पुलिस पकड़कर ले गयी. युवक को छोड़ने के एवज में जख्मी बच्ची के पिता से सुलहनामा पत्र पर हस्ताक्षर भी करा लिया. जिसके बाद रूपये की चाहत पूरा नहीं होने पर बाइक को कब्जाना चाहती थी.
विरोध करने पर थानाध्यक्ष ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और घर का दरवाजा तोड़कर बाइक को निकाल लिया. लेकिन परिजनों का विरोध थानाध्यक्ष को नागवार गुजरा और लाठी बरसाकर उनलोगों के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया. गौरतलब है कि गरीब और निःसहाय लोगों पर पुलिस के अपराधियों जैसे सलूक पर लोगों ने मुख्यालय के अलावे जीवछपुर में एसएच 91 को जामकर भारी विरोध प्रदर्शन किया.
जहां प्रदर्शनकारी थानाध्यक्ष को निलंबित करते हुए उसके विरूद्ध प्राथमीकि दर्ज करने. पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने, जख्मियों का उपचार सरकारी स्तर पर कराने तथा निर्दोष लोगों की गई बेवजह कानूनी कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे थे. दोनों ही स्थानों पर मौके पर पहुंचे त्रिवेणीगंज एसडीएम विनय कुमार सिंह एवं एसडीपीओ गणपति ठाकुर के समुचित आश्वासन पर आंदोलन को रोक दिया गया था.
कहते हैं एसडीपीओ
एसडीपीओ गणपति ठाकुर ने पूछने पर बताया कि अनमोल कुमार को छातापुर थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है. जिन्हें गुरूवार शाम तक पदभार ग्रहण करने को कहा गया है. साथ ही पद से हटाये गये राघव शरण के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा एसपी सुपौल से की गई है. बताया कि जख्मियों के समुचित उपचार के लिए भी सरकारी स्तर से सहयोग किया जा रहा है.