"महिलाओं की सुरक्षा पर अब समझौता नहीं." सुपौल में एडवा की हुंकार, आरक्षण से लेकर महंगाई तक सरकार को घेरा

Supaul News: सुपौल में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) ने महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई और 33% महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर जोरदार आवाज उठाई. महिलाओं ने साफ कहा कि अब अधिकारों पर समझौता नहीं होगा.

जदिया (सुपौल) से उमेश कुमार की रिपोर्ट

Supaul News: महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई, 33 प्रतिशत महिला आरक्षण और नशाखोरी जैसे मुद्दों को लेकर मंगलवार को सुपौल के जदिया प्रखंड में महिलाओं ने जोरदार आवाज बुलंद की. कोरियापट्टी पूरब पंचायत में आयोजित अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) की सभा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और साफ कहा कि अब महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के सवाल पर किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

सभा के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, महंगाई से बिगड़ते घरेलू बजट और महिला आरक्षण लागू करने में हो रही देरी को प्रमुख मुद्दा बनाया गया. कार्यक्रम के अंत में कई महिलाओं ने एडवा की सदस्यता भी ग्रहण की.

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर जताई चिंता

कोरियापट्टी पूरब पंचायत के ऋषिदेव टोला और नया नगर टोला में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए एडवा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामपरी ने कहा कि देश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और मानव तस्करी जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं.


सुपौल में एडवा सभा

रामपरी ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में प्रभावी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में सरकारें अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए.

Supaul News: महिला आरक्षण को लेकर सरकार से की बड़ी मांग

सभा के दौरान महिला आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. रामपरी ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान की बात करती है, लेकिन 33 प्रतिशत महिला आरक्षण अब तक लागू नहीं किया गया है.

उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग करते हुए संसद के आगामी मानसून सत्र में ही लागू किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी हुई तो एडवा देशव्यापी आंदोलन को और तेज करेगी.

महंगाई ने महिलाओं की रसोई पर बढ़ाया बोझ

सभा की अध्यक्षता कर रहीं एडवा नेत्री और सीपीएम की जिला सचिव नीतू सिंह यादव ने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है. उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर घर संभालने वाली महिलाओं पर पड़ रहा है.

उन्होंने सरकार से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण करने और आम लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.

नशाखोरी के खिलाफ महिलाओं से एकजुट होने की अपील

सभा में मौजूद मुखिया राजेश कुमार ने कहा कि नशाखोरी गांव और समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है. इसके कारण घरेलू हिंसा, आर्थिक परेशानी और सामाजिक अस्थिरता बढ़ रही है.

उन्होंने महिलाओं से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने और नशे के खिलाफ सामाजिक आंदोलन का नेतृत्व करने की अपील की. सभा के दौरान महिला सुरक्षा, महंगाई पर नियंत्रण, महिला आरक्षण लागू करने और नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर नारे लगाए गए. कार्यक्रम के अंत में कई महिलाओं ने एडवा की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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