UPSC success story एक बच्चे की पढ़ाई के दौरान बार-बार स्कूल बदल जाए, शहर बदल जाए और हर कुछ साल में नया माहौल मिल जाए, तो पढ़ाई पर असर पड़ना स्वाभाविक है. लेकिन कशिश बख्शी की कहानी इससे बिल्कुल अलग है. भारतीय सेना के अधिकारी की बेटी कशिश ने बचपन में सात राज्यों के 10 अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई की. घर, शहर, स्कूल और दोस्त बदलते रहे, लेकिन पढ़ाई के प्रति उनका फोकस नहीं बदला. यही अनुशासन आगे चलकर उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना.
कशिश बख्शी ने वर्ष 2023 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 54वीं रैंक हासिल की. उन्होंने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की. खास बात यह है कि UPSC की तैयारी शुरू करने से पहले ही उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था. क्योंकि महज सात साल की उम्र में उनके नानाजी ने उन्हें IAS बनने के लिए प्रेरित किया था.
सेना के माहौल में मिली अनुशासन की सीख
कशिश का पैतृक घर हरियाणा के अंबाला में है. उनके पिता भारतीय सेना में वरिष्ठ अधिकारी रहे और मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए. पिता की पोस्टिंग के कारण कशिश को बचपन से ही अलग-अलग शहरों और स्कूलों में पढ़ाई करनी पड़ी. इस दौरान उन्होंने सात राज्यों के 10 स्कूलों में शिक्षा हासिल की. इनमें आर्मी स्कूल भी शामिल रहे. बार-बार स्कूल बदलने के बावजूद कशिश ने पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया. सेना के अनुशासित माहौल और परिवार से मिली सीख ने उन्हें अपनी पढ़ाई पर लगातार ध्यान केंद्रित रखने में मदद की.
बिहार से जुड़ी अन्य ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें..
10वीं में 10 CGPA, 12वीं में 95 फीसदी अंक
कशिश की 10वीं और 12वीं की पढ़ाई भोपाल स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से हुई. उन्होंने 10वीं में 10 CGPA हासिल किया, जबकि 12वीं में 95 फीसदी अंक प्राप्त किए. इसके बाद उन्होंने भोपाल स्थित नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) से कानून की पढ़ाई की और वर्ष 2021 में ग्रेजुएशन पूरा किया. कॉलेज के दौरान उन्होंने ट्राईलीगल, TCS और कुरुक्षेत्र जिला अदालत में इंटर्नशिप भी की. लॉ की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया. उनका मानना था कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिल सकता है.
पहले प्रयास में 3 अंक से चूकीं, दूसरे में इंटरव्यू से पहले रुकीं
कशिश ने लॉ ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में, वर्ष 2020 के अंत में UPSC की तैयारी शुरू की. उन्होंने पहला प्रयास 2021 में दिया. इस प्रयास में वह प्रीलिम्स परीक्षा में महज तीन अंकों से सफल होने से चूक गईं. इसके बाद उन्होंने अपनी कमियों को समझते हुए तैयारी जारी रखी. वर्ष 2022 में उन्होंने दूसरा प्रयास किया और प्रीलिम्स पास कर मेन्स परीक्षा तक पहुंचीं. हालांकि, इंटरव्यू के लिए चयन से वह करीब 10 अंकों से चूक गईं.
दो असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. तीसरे प्रयास में उन्होंने अपनी रणनीति पर और काम किया और वर्ष 2023 की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 54वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा कर लिया. कशिश ने UPSC में अपने वैकल्पिक विषय के रूप में दर्शनशास्त्र यानी Philosophy को चुना था.
ओडिशा कैडर मिला, शादी के बाद बनीं बिहार की बहू
UPSC में चयन के बाद कशिश को ओडिशा कैडर आवंटित किया गया था. बाद में विवाह के आधार पर उनका कैडर बिहार कर दिया गया. उन्होंने बिहार के औरंगाबाद जिले से आने वाले IAS अधिकारी विरुपाक्ष विक्रम सिंह से शादी की. विरुपाक्ष विक्रम सिंह 2024 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं. कैडर बदलने के बाद कशिश बिहार प्रशासनिक सेवा में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. वर्तमान में वह पटना सिटी की एसडीओ के पद पर तैनात हैं.
हाल के दिनों में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उन्होंने पटना सिटी क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर आम लोगों की आवाजाही को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरती. कशिश बख्शी की कहानी बताती है कि परिस्थितियां लगातार बदलती रहें, तब भी लक्ष्य पर फोकस और अनुशासन कायम रखा जाए तो मुश्किल रास्ते भी सफलता तक पहुंचा सकते हैं. सात राज्यों के 10 स्कूलों से शुरू हुआ उनका सफर UPSC में ऑल इंडिया 54वीं रैंक और IAS अधिकारी बनने तक पहुंचा.
Also Read : 10 लाख से शुरू किया कारोबार, चार साल में 1.50 करोड़ का टर्नओवर; अब 100 करोड़ पर खुशबू की नजर
