सीवान: अमलोरी स्थित बैकुण्ठ शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय (स्वायत्तशासी) में मंगलवार को बी.एड. सत्र 2026-28 का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ. दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन का आयोजन किया गया. महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारी और नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं ने हवन में भाग लेकर नए शैक्षणिक सत्र की सफलता, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और महाविद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की.
पुष्पगुच्छ देकर किया गया नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत
हवन-पूजन के बाद इंडक्शन मीट कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का पुष्पगुच्छ और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और विभिन्न गतिविधियों से परिचित कराया गया.
प्राचार्य ने शिक्षक की भूमिका और नैतिक मूल्यों पर दिया जोर
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्याम शंकर पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षक की भूमिका, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि एक आदर्श शिक्षक का दायित्व केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाना भी है.
बी.एड. पाठ्यक्रम और सुविधाओं की दी गई जानकारी
इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकगण ने विद्यार्थियों को बी.एड. पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियों, आंतरिक मूल्यांकन, विद्यालय इंटर्नशिप, पुस्तकालय, आईसीटी सुविधाओं तथा महाविद्यालय की विभिन्न समितियों और नियमों की विस्तृत जानकारी दी. साथ ही महाविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा और छात्र-हितैषी व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया गया.
आदर्श शिक्षक बनने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं ने एक आदर्श शिक्षक बनने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया. महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि नया शैक्षणिक सत्र विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अनुशासन और उत्कृष्ट उपलब्धियों का आधार बनेगा.
