सीवान में स्वतंत्रता सेनानी शिव बचन कुंवर की 15वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, गरीबों के बीच बांटे गए वस्त्र, भारत छोड़ो आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका

Shiv Bachan Kunwar Death Anniversary : सीवान में स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय शिव बचन कुंवर की 15वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. श्रद्धांजलि सभा में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया गया और जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरित किए गए.

Shiv Bachan Kunwar Death Anniversary : सीवान के हसनपुरा प्रखंड में स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय शिव बचन कुंवर की 15वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके योगदान को याद करते हुए लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरित किए गए.

श्रद्धांजलि सभा में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

एमएच नगर थाना क्षेत्र के चांदपुर निवासी एवं स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय शिव बचन कुंवर की 15वीं पुण्यतिथि पर उनके पुत्र एवं पूर्व सरपंच विजयकांत सिंह के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया.

गरीबों के बीच किया गया वस्त्र वितरण

पुण्यतिथि के अवसर पर सामाजिक सरोकार निभाते हुए जरूरतमंद एवं गरीब लोगों के बीच वस्त्र वितरित किए गए. आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और स्वतंत्रता सेनानी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

भारत छोड़ो आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिव बचन कुंवर का कार्यक्षेत्र उत्तर प्रदेश के बलिया जिले तक फैला था और वे स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी सेनानियों में शामिल थे. वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया.

अंग्रेजों ने 52 बार किया हमला

वक्ताओं ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें कई बार गिरफ्तार करने का प्रयास किया, लेकिन वे हर बार बच निकलने में सफल रहे. उनके घर पर 52 बार हमला कर लूटपाट और आगजनी की गई, इसके बावजूद उन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया.

जेल में भी झेला कठोर कारावास

कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 1940 में शिव बचन कुंवर को गाजीपुर जेल में नौ माह तक रखा गया. इसके बाद 10 मार्च 1941 को उन्हें बनारस जेल भेजा गया, जहां जेल फूंकने के आरोप में तीन माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. वक्ताओं ने कहा कि उनका त्याग, संघर्ष और बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है.

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

श्रद्धांजलि सभा में शीला देवी, श्रीकिसून सिंह, नागेंद्र सिंह, चंद्रशेखर सिंह, जयशंकर दूबे, मुन्ना सिंह, आशा देवी, अनिल सिंह, सत्येंद्र सिंह, सुमन सिंह, योगेंद्र सिंह, उदय नारायण सिंह, सत्येंद्र साह, भूषण सिंह, सोनू सिंह, पुनित दूबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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Author: Umashankar ram

Published by: Sakshi Kumari

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