निर्माणाधीन पंचायत भवन की होगी जांच, 12 को पहुंचेगी टीम

दरौंदा प्रखंड के ग्राम पंचायत हड़सर में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता की जांच अब विभागीय स्तर पर की जाएगी. पंचायती राज विभागके निर्देश पर 12 फरवरी को गठित जांच दल मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण करेगा.

प्रतिनिधि, सीवान. दरौंदा प्रखंड के ग्राम पंचायत हड़सर में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता की जांच अब विभागीय स्तर पर की जाएगी. पंचायती राज विभागके निर्देश पर 12 फरवरी को गठित जांच दल मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण करेगा.जांच का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण तय मानकों और गुणवत्ता के अनुसार हो रहा है या नहीं.. तीन जनवरी को पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने हड़सर पंचायत सरकार भवन का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान कई गंभीर तकनीकी और निर्माण संबंधी त्रुटियां सामने आईं थी मंत्री द्वारा स्पष्ट किया गया कि भवन निर्माण में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई होगी. निरीक्षण में पाया गया कि भवन का शाफ्ट नक्शा (ड्राइंग) के अनुसार ढलाई नहीं किया गया है.इसके अलावा जॉगल मानक के अनुरूप नहीं है.जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं.कुछ स्थानों पर रॉड वेल्डिंग कर दी गई है, जिससे कॉलम टेढ़े नजर आ रहे हैं.जांच में यह भी सामने आया कि जहां 20 एमएम रॉड लगना था, वहां 16 एमएम का रॉड उपयोग किया गया है.इतना ही नहीं प्लिंथ बैंड का जोड़ बाद में ढलाई किया हुआ प्रतीत हो रहा है, जो तकनीकी रूप से गंभीर त्रुटि मानी जाती है. वहीं, प्लिंथ में छोड़े गए सभी वीप होल को भरने का निर्देश भी दिया गया है.इन सभी खामियों को गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज विभाग के सचिव को निर्देश दिया गया है कि उपलब्ध निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर विभागीय जांच टीम का गठन कर बिंदुवार रिपोर्ट माननीय मंत्री को सौंपी जाए. इसी क्रम में विभाग ने 12 फरवरी को जांच के लिए विशेष दल का गठन किया है. जांच दल में पंचायती राज विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी मो. वसीम अहमद एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी निखिल राज को शामिल किया गया है. यह टीम निर्माण एजेंसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की गहराई से जांच करेगी और मौके पर उपलब्ध अभिलेख, सामग्री व तकनीकी मानकों का मिलान करेगी. विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच दल को निरीक्षण के बाद 24 घंटे के भीतर हार्ड कॉपी में जांच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराना होगा. पंचायती राज विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि अगर जांच में गड़बड़ी या लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >