विधायक ने यमुनागढ़ को पर्यटन स्थल बनाने की उठायी मांग, लोगों में दिखी खुशी की लहर

जदयू विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल ने यमुनागढ़ और पौराणिक गढ़देवी को पर्यटन स्थल का दर्जा दिये जाने की मांग से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है.

बड़हरिया. जदयू विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल की प्रखंड के ऐतिहासिक यमुनागढ़ और पौराणिक गढ़देवी को पर्यटन स्थल का दर्जा दिये जाने की मांग से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है. जदयू विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल ने विधानसभा में यमुनागढ़ को पर्यटन स्थल का दर्जा दिये जाने की पूरजोर मांग की थी. उनकी इस सकारात्मक पहल से क्षेत्रवासियों में यमुनागढ़ को पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने की उम्मीद जगी है. ऐसे तो दशकों से इसको पर्यटन स्थल के रुप में विकसित की मांग उठती रही है. विदित हो कि बड़हरिया विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल ने विधानसभा सत्र के प्रश्नकाल के दौरान इस ऐतिहासिक स्थल यमुनागढ़ के विकास को लेकर सदन में प्रश्न उठाया था. इस दिशा में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ अनिल गिरि नेताओं से मिलकर इसे पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करने की मांग करते रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसके लिए पूर्व में प्रदेश के तत्कालीन पर्यटन मंत्री नन्दकिशोर यादव और रामप्रवेश सिंह सहित अन्य नेताओं से यमुनागढ़ को पर्यटन स्थल बनाने की मांग की जा चुकी है. लेकिन स्थानीय विधायक ने इस मुद्दे को विधानसभा में जिस गंभीरता से उठाया है,उससे लोगों में एक बार यमुनागढ़ के पर्यटन का दर्जा मिलने की आशा प्रबल हुई है. विधायक की इस पहल पर संसद प्रतिनिधि बाल्मीकि कुमार अश्विनी, भाजपा नेता सुनील चंद्रवंशी, पूर्व मुखिया वीरेंद्र प्रसाद, जदयू नेता सत्येंद्र सिंह, गुड्डू सिंह, राजीव रंजन पटेल, अधिवक्ता जयप्रकाश गौतम, सुशील कुमार वर्मा ,वीरेश पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने खुशी का इजहार किया है.

सदन में गूंजा पचरुखी के किसानों का मुद्दा

बड़हरिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्रेव सिंह पटेल ने सदन में किसानों से जुड़े गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान पचरुखी प्रखंड की जलजमाव समस्या की ओर आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि जिले के पचरुखी प्रखंड अंतर्गत भटवलिया, उखई, शंभोपुर, पिपरा, सुरवाला, भरतपुरा एवं सहलौर पंचायतों के खेतों में लंबे समय से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं. विधायक ने सदन में कहा कि इन पंचायतों के सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी जमा रहने के कारण फसल बर्बाद हो रही है. खेतों में समय पर बुआई नहीं हो पाने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है. कई किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. उन्होंने कहा कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. विधायक ने सरकार से मांग की कि संबंधित विभाग को शीघ्र निर्देश देकर प्रभावित पंचायतों के खेतों से जल निकासी की ठोस व्यवस्था कराई जाए. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो किसान भूखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे. विधायक ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्या का त्वरित समाधान ही क्षेत्र के विकास और खुशहाली का आधार है.

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By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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