सीवान: पचरुखी प्रखंड के मध्य विद्यालय मटुक छपरा में सहायक शिक्षक विरेन्द्र कुमार सिंह के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रीकांत ने की, जबकि संचालन रहबर रजा ने किया. समारोह में विद्यालय परिवार की ओर से श्री सिंह को पुष्पमाला पहनाकर अंगवस्त्र, छाता, कलम, डायरी सहित अन्य स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया.
शिक्षक का समाज के प्रति योगदान कभी समाप्त नहीं होता
प्रधानाध्यापक श्रीकांत ने कहा कि सेवानिवृत्ति सरकारी सेवा का अंत हो सकती है, लेकिन एक शिक्षक का समाज के प्रति योगदान कभी समाप्त नहीं होता. शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा से कई पीढ़ियों का निर्माण करते हैं. इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका मार्गदर्शन और अनुभव समाज के लिए उपयोगी बना रहता है. उन्होंने विरेन्द्र कुमार सिंह के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की.
2012 में विद्यालय में दिया था योगदान
समारोह में बताया गया कि विरेन्द्र कुमार सिंह ने वर्ष 2012 में मध्य विद्यालय मटुक छपरा में योगदान दिया था. करीब 14 वर्षों तक विद्यालय में सेवा देने के बाद वे 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए. इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ विद्यालय की गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभायी.
विद्यालय परिवार को एकजुट रखने में निभायी अहम भूमिका
सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक संघ के अंचल सचिव जयप्रकाश सिंह ने कहा कि विरेन्द्र बाबू ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से हमेशा विद्यालय परिवार को एकजुट रखने का प्रयास किया. उन्होंने अपने सहकर्मियों के साथ बेहतर समन्वय बनाये रखा और विद्यार्थियों के प्रति भी हमेशा संवेदनशील रहे. उनके सेवानिवृत्त होने से विद्यालय परिवार को उनकी कमी महसूस होगी.
विद्यार्थियों के हित में किया गया कार्य हमेशा याद रहेगा
सेवानिवृत्त शिक्षक विरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी सेवा में सेवानिवृत्ति एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन विद्यार्थियों के हित में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया गया शिक्षण कार्य हमेशा यादगार रहता है. उन्होंने विद्यालय परिवार, सहकर्मियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यालय से जुड़ी उनकी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी.
शिक्षकों ने स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की दी शुभकामनाएं
समारोह में अमरेंद्र कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, सच्चिदानन्द तिवारी, सुनील प्रसाद सिंह, अरुण कुमार, अशोक सिंह, शिववचन यादव, नीतीश कुमार, अरुण कुमार शर्मा, लक्ष्मी देवी, इंदुमति दीक्षित, अर्चना उपाध्याय, मुजीबुर्रहमान, आनंददेव साह सहित कई शिक्षक मौजूद रहे. सभी ने विरेन्द्र कुमार सिंह के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं.
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