सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से सीएमआर लेने का कार्य बाधित
सीवान. जिले में किसानों से खरीदे गए धान का चावल तैयार कर बिहार राज्य खाद्य निगम को देने की रफ्तार काफी धीमी हो गयी है. इससे पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक परेशान है. चावल नहीं गिरने से लगातार पैक्स पर ब्याज का बोझ बढ़ रहा है.
प्रतिनिधि, सीवान. जिले में किसानों से खरीदे गए धान का चावल तैयार कर बिहार राज्य खाद्य निगम को देने की रफ्तार काफी धीमी हो गयी है. इससे पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक परेशान है. चावल नहीं गिरने से लगातार पैक्स पर ब्याज का बोझ बढ़ रहा है. अगर इसी तरह की समस्या बनी रही तो तय समय सीमा के अंदर चावल नहीं गिर सकेगा. इसके कारण सीवान सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक से मिले सीसी ऋण भी फंस सकता है. चावल गिराने के लिए लगातार पैक्स अध्यक्ष व प्रबंधक विभाग का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है. बताया जाता है कि एनआइसी का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से सीएमआर लेने का कार्य बाधित हो गया है.ऑनलाइन कोई भी कार्य नहीं हो पा रहा है. इसके कारण एसटीआर भी निर्गत नहीं हो रहा है. इस तकनीकी प्रॉब्लम को लेकर पहले ही बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला कार्यालय को मुख्यालय से सूचना प्राप्त हो गयी थी. कई राइस मिल संचालक पैक्स से धान प्राप्त करने के बाद चावल तैयार कर रखे हैं लेकिन सॉफ्टवेयर काम नहीं करने के कारण चावल नहीं गिरा पा रहे हैं.बताते चले कि जिले में इस साल धान का रिकार्ड उत्पादन हुआ है.इससे सरकार की ओर से किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का लक्ष्य पहले से बढाकर एक लाख 2 हजार 671 टन कर दिया गया था. धान खरीद के लक्ष्य को पूरा किये जाने के बाद धान से सीएमआर तैयार करने की बडी चुनौती भी सहकारिता विभाग के सामने खडी हो गई है. यहां सहकारिता विभाग की ओर से 258 क्रय केंद्रों पर 13632 किसानों से 97337 टन धान की खरीद 15 फरवरी तक एमएसपी पर की गयी. क्षेत्र में एमएसपी पर खरीद की गई धान से चयनित राइस मिलों में चावल तैयार किया जा रहा है.इसमें उसना एवं अरवा राईस मिल शामिल हैं. जहां किसानों से खरीद किये गये धान से चावल तैयार किया जा रहा है. इसके लिए सहकारिता विभाग एवं खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से मिलों से धान क्रय केंद्रों की टैगिंग कर दी गई है. यहां सहाकारिता व खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा सरकार के मानकों को पूरा करने वाले मिलों को निबंधित किया गया है. 15 फरवरी तक ही किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद की गयी है. अब किसानों से की गई धान खरीद से चावल यानी सीएमआर तैयार की जानी है.इसके लिए यहां निबंधित मिलरों चावल तैयार कराये जाने की बडी चुनौती है. मिलरों को 30 जून तक खरीद किये गये धान से सीएमआर तैयार कर राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराना है. जिला प्रबंधक आसिफ इकबाल ने बताया कि एनआईसी का सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है. इसके कारण अभी सीएमआर नहीं लिया जा रहा है. जल्द ही सुधार होते ही चावल लेने की प्रक्रिया शुरू होगी.
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