Teacher Absenteeism: जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है. निरीक्षण के दौरान अलग-अलग अनियमितताएं मिलने पर सीवान सदर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के सात शिक्षकों से बीईओ संजय सिंह ने शो-कॉज किया है. सभी संबंधित शिक्षकों को 24 घंटे के अंदर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है.
बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित मिले दो शिक्षक
20 अगस्त को म०वि० हरिबलमा के निरीक्षण के दौरान विशिष्ट शिक्षक संजय कुमार और गुलाबचंद राम बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित मिले. दोनों शिक्षकों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है.
कक्षा में नहीं मिली शिक्षण व्यवस्था
इसी दिन म०वि० कररूआ के निरीक्षण के दौरान विशिष्ट शिक्षक बिनय कुमार की वर्ग चार की हिंदी की घंटी में श्यामपट्ट पर अंग्रेजी में लिखा मिला और कक्षा का बल्ब बंद पाया गया. निरीक्षण के दौरान शिक्षक ने इसे प्रधानाध्यापक का कार्य बताया.
इसके अलावा एफएलएन से संबंधित छात्रों की जानकारी नहीं देने, कक्षा में एफएलएन से जुड़ा कोई कार्य नहीं मिलने, छात्रों को गृहकार्य नहीं देने और गृहकार्य की जांच नहीं करने को लेकर भी शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
कुर्सी पर बैठे मिले शिक्षक, कक्षा में पंखा-बल्ब बंद
म०वि० कररूआ के ही विशिष्ट शिक्षक विजय कुमार सिंह निरीक्षण के दौरान वर्ग दो की तीसरी घंटी में कुर्सी पर बैठे पाए गए. कक्षा का पंखा और बल्ब भी बंद मिला. पिछले दो दिनों के पठन-पाठन के बारे में पूछने पर शिक्षक ने जानकारी नहीं होने की बात कही. छात्रों को गृहकार्य नहीं देने के मामले में भी उनसे जवाब मांगा गया है.
ई-शिक्षाकोष में देर से उपस्थिति दर्ज करने पर सवाल
इसी विद्यालय की विशिष्ट शिक्षिका गीता कुमारी 20 अगस्त को निरीक्षण के दौरान बिना सूचना अनुपस्थित मिलीं. उनके ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर पांच अगस्त, 11 अगस्त, 12 अगस्त, 17 अगस्त और 22 अगस्त को सुबह 10 बजे के बाद उपस्थिति दर्ज करने तथा तीन अगस्त को अनुपस्थित दर्ज होने का उल्लेख करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.
स्कूल में मोबाइल पर रील्स देखते मिले शिक्षक
इसके अलावा 25 अगस्त को उ०म०वि० विशुनपुरवा के निरीक्षण में नियोजित शिक्षक रामप्रीत विद्यार्थी और विशिष्ट शिक्षिका गीता कुमारी विद्यालय में पठन-पाठन अवधि के दौरान मोबाइल पर रील्स देखते पाए गए. पूछताछ के दौरान दोनों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है.
24 घंटे में जवाब नहीं तो होगी विभागीय कार्रवाई
विभागीय पत्रों में संबंधित शिक्षकों के आचरण को लापरवाही, कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता मानते हुए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने की बात कही गयी है. सभी संबंधित शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर अपना जवाब देने का निर्देश दिया गया है. प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
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