सीवान सदर अस्पताल में 4 बेड की अत्याधुनिक ICU और 24×7 इमरजेंसी सेवा शुरू

सिवान सदर अस्पताल में अब गंभीर मरीजों को मिलेगा बेहतर और त्वरित इलाज. 4 बेड की अत्याधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (ICU) और 24×7 आपातकालीन सेवा का शुभारंभ कर दिया गया है. इससे जिले में ही गंभीर बीमारियों का उपचार संभव होगा और अनावश्यक रेफरल कम होंगे.

सीवान: जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए सदर अस्पताल में चार बेड की अत्याधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) एवं 24×7 आपातकालीन सेवा का शुभारंभ कर दिया गया. इससे अब गंभीर मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज की सुविधा जिला स्तर पर ही उपलब्ध होगी तथा अनावश्यक रेफरल की संख्या में कमी आने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया राज्यव्यापी लोकार्पण

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के नए भवन से वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी 38 जिलों में 105 नए आईसीयू बेड, 70 वेंटिलेटर युक्त गहन चिकित्सा इकाइयों और 24×7 आपातकालीन सेवा का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी उपस्थित रहे.

डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने किया आईसीयू का उद्घाटन

वर्चुअल कार्यक्रम के बाद सिवान सदर अस्पताल में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थापित चार बेड के आईसीयू का फीता काटकर उद्घाटन किया. इसके बाद उन्होंने आईसीयू का निरीक्षण कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली और इसे जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

जिला स्तर पर ही मिलेगा गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि सामान्य परिस्थितियों में मरीजों को जिला अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में रेफर करने की प्रवृत्ति कम की जाए. इसी उद्देश्य से जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि गंभीर मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके.

आईसीयू के विस्तार के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव

डीएम ने बताया कि फिलहाल सदर अस्पताल में चार आईसीयू बेड की सुविधा शुरू की गई है. आईसीयू को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति को प्रस्ताव भेजा जाएगा. भविष्य में यहां गंभीर ट्रॉमा, सड़क दुर्घटना और अन्य गंभीर मरीजों का इलाज भी जिला स्तर पर ही किया जा सकेगा.

रेफरल होगा कम, मरीजों का समय और खर्च बचेगा

जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि नई सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा. साथ ही उच्च संस्थानों में अनावश्यक रेफरल कम होंगे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों का समय, धन और परेशानी—तीनों की बचत होगी.

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद, सदर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. सदा कमर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) विशाल कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) इमामुल होदा, रवि कुमार, जितेंद्र ओझा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

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Author: Amarnath Sharma

Published by: Vivek Ranjan

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