सीवान से अमर नाथ शर्मा की रिपोर्ट
Siwan Sadar Hospital Civil Surgeon Inspection News: सीवान स्वास्थ्य महकमे से प्रशासनिक एक्शन से जुड़ी खबर सामने आई है. स्थानीय मॉडल सदर अस्पताल की चरमराती दवा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) कर दिया. इस औचक कार्रवाई के दौरान अस्पताल परिसर में आवश्यक दवाओं और जीवन रक्षक इंजेक्शनों की भारी अनुपलब्धता का खुलासा हुआ है, जिस पर गंभीर नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन ने संबंधित कर्मचारियों और फार्मासिस्टों की क्लास लगा दी और तत्काल प्रभाव से सुधार के आदेश दिए.
मरीजों की कतार में खड़े होकर जांची दवाएं
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों द्वारा कई महत्वपूर्ण दवाएं बाहर से खरीदने की शिकायत सीधे सिविल सर्जन तक पहुंची थी.
शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन स्वयं इमरजेंसी दवा काउंटर के भीतर दाखिल हो गए और वहां मौजूद स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया. इस जांच में पता चला कि ओनडेम, मिकासिन, ट्रामाडोल, डेक्सोना और डिसाइक्लोमिन समेत कई अत्यंत आवश्यक इंजेक्शन और दवाएं पूरी तरह से गायब थीं.
इस गंभीर लापरवाही पर बिफरते हुए उन्होंने फार्मासिस्ट को कड़े लहजे में फटकार लगाई और तुरंत जिला दवा भंडार, सदर अस्पताल दवा भंडार तथा आसपास के ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों के स्टॉक से तालमेल बिठाकर आपातकालीन दवाएं मौके पर मंगवाकर मरीजों को उपलब्ध कराईं.
इमरजेंसी काउंटर पर हर हाल में रहना चाहिए सात दिनों का स्टॉक
सिविल सर्जन ने मौके पर ही अस्पताल स्वास्थ्य प्रबंधक को निर्देश जारी किया है. उन्होंने साफ किया कि इमरजेंसी दवा काउंटर पर चौबीसों घंटे कम से कम सात दिनों का बफर स्टॉक रिजर्व रहना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को परिसर से बाहर न भटकना पड़े. इसके साथ ही उन्होंने सभी फार्मासिस्टों को सख्त हिदायत दी कि वे दवाओं के खत्म होने का इंतजार न करें, बल्कि समय रहते एडवांस इंडेंट मुख्य कार्यालय को भेजें ताकि दवाओं की चेन कभी न टूटे.
स्ट्रेचर से सीधे बेड तक पहुंचेंगे मरीज, वीडियो बनाने पर होगी कार्रवाई
इस निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अस्पताल के लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा तंत्र को भी रडार पर लिया.
उन्होंने सरकारी एंबुलेंस कर्मियों को आदेश देते हुए कहा कि अस्पताल पहुंचने वाले हर मरीज को एंबुलेंस के स्ट्रेचर से सीधे उठाकर वार्ड के बेड तक सुरक्षित पहुंचाया जाए, और रेफर होने वाले मरीजों को भी इसी प्रोटोकॉल के तहत एंबुलेंस तक शिफ्ट किया जाए. सुरक्षा गार्डों को निर्देशित किया गया कि व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की कमी से किसी भी पीड़ित के परिजन परेशान न हों.
इसके साथ ही, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. ओ.पी. लाल की मौजूदगी में सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधक को आदेश दिया कि आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) में एक बड़ा और स्पष्ट सूचना पट्ट (साइन बोर्ड) लगाया जाए, जिसमें परिसर के अंदर बिना अनुमति फोटो या वीडियो बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध हो और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधी कानूनी कार्रवाई की जाए. इस कड़े एक्शन के बाद पूरे सीवान स्वास्थ्य महकमे में हलचल है.
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