पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हादसा: आजमगढ़ से सीवान पहुंचे 4 शव, माता-पिता संग दो बेटियों की जलीं चिताएं

Siwan News: यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सीवान के मनीष श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और दो बेटियों के शव रविवार को उनके पैतृक गांव ग्यासपुर पहुंचे. गांव में एक साथ चार अर्थियां उठने से कोहराम मच गया. बड़े भाई ने चारों चिताओं को मुखाग्नि दी. हादसे से पहले मनीष ने अपने माता-पिता को सुरक्षित गांव भेज दिया था, लेकिन फरीदाबाद लौटने के दौरान उनकी कार 135 किमी/घंटे की रफ्तार से खड़े ट्रक में जा घुसी, जिससे परिवार का अंत हो गया.

Siwan News(अभय पांडे): सीवान के सिसवन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्यासपुर गांव में रविवार को रोज जैसी चहल-पहल नहीं थी.  पूरे गांव में एक खौफनाक और मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मनीष श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और दो मासूम बेटियों के शव जैसे ही दो एंबुलेंस से दोपहर करीब 3:30 बजे उनके पैतृक गांव पहुंचे, पूरा इलाका चीख-पुकार से दहल उठा. एक दिन पहले तक जो हंसता-खेलता परिवार था, आज उसकी अर्थियां सज रही थीं. गांव में एक साथ चार चिताएं जलाई गईं, जिसे देख वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें पथरा गईं.

बेटा-बहू का शव देख बिलख उठे वृद्ध पिता: “मुझे भी इनके साथ जला दो”

पैतृक गांव में जब चारों शव एंबुलेंस से उतारे गए, तो मनीष के बुजुर्ग पिता प्रेम लाल श्रीवास्तव और माता शीला देवी का कलेजा फट गया. अपने जवान बेटे, बहू और दो मासूम पोतियों के शवों को सामने देख वृद्ध माता-पिता सुध-बुध खो बैठे. उन्हें संभालना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो रहा था.

रोते-रोते वृद्ध पिता बस यही कह रहे थे, “मेरे बेटा-बहू और पोतियों को कहां ले जा रहे हो? मुझे भी साथ ले चलो और इन्हीं के साथ मुझे भी जला दो.”  इस दृश्य को देखकर अंतिम विदाई देने आए हर एक ग्रामीण और नाते-रिश्तेदार की आंखें डबडबा गईं. मृतकों का अंतिम चेहरा देख लोग फफक पड़े. सभी शवों को मुखाग्नि मनीष के बड़े भाई जीवन लाल श्रीवास्तव ने दी. .

हरियाणा के फरीदाबाद में रहता था परिवार

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मनीष श्रीवास्तव पिछले 16 वर्षों से अपने परिवार के साथ हरियाणा के फरीदाबाद में रह रहे थे. वह दिल्ली के ओखला स्थित ट्राईयू कस्टम टआईसीडी नामक कंपनी में नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. मनीष का गांव आना-जाना काफी कम था; केवल नाते-रिश्तेदारी में शादी-विवाह या किसी विशेष कार्यक्रम के दौरान ही वे ग्यासपुर आया करते थे.

नाना के ब्रह्मभोज में आए थे बिहार, लौटते समय काल ने झपटा

यह दिल दहला देने वाला हादसा शनिवार को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ. बता दें कि  मनीष श्रीवास्तव चार दिन पहले ही फरीदाबाद से छपरा जिले के मढ़ौरा स्थित अपने मामा के घर आए थे, जहाँ उनके नाना का ब्रह्मभोज कार्यक्रम था. इस कार्यक्रम में उनके माता-पिता भी गांव से मढ़ौरा पहुंचे थे. शनिवार को ब्रह्मभोज समाप्त होने के बाद, मनीष अपनी कार से माता-पिता को लेकर छपरा शहर स्थित अपनी ससुराल पहुंचे. वहाँ सभी संबंधियों से मेल-मिलाप किया. छपरा से मनीष ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को पब्लिक ट्रांसपोर्ट (बस/ट्रेन) के माध्यम से सुरक्षित पैतृक गांव ग्यासपुर भेज दिया, और खुद अपनी पत्नी, दो बेटियों तथा एक अन्य व्यक्ति के साथ कार से वापस फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए.

135 किमी/घंटे की रफ्तार बनी काल, खड़े ट्रक में घुसी कार

फरीदाबाद लौटने के क्रम में जैसे ही मनीष की कार उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले अंतर्गत कंधरापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 238 के पास पहुंची, रफ्तार का कहर देखने को मिला.  कार की गति लगभग 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिसके कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा.  अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़े राजस्थान नंबर के एक ट्रक में पीछे से बेहद जोरदार तरीके से घुस गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और कार में सवार दंपती व दोनों बेटियों सहित पांचों लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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