सीवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
Siwan News: सीवान के बसंतपुर नगर पंचायत में सोमवार को सफाई कर्मियों ने निजी एजेंसी की कथित मनमानी के खिलाफ काम बंद कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नई एजेंसी के आने के बाद मजदूरी में कटौती की जा रही है और उन्हें जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. विरोध के चलते पूरे नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई कार्य ठप हो गया.
पहले ही दिन सफाई व्यवस्था हुई ध्वस्त
सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने का असर पहले ही दिन साफ दिखाई दिया. नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में न तो नियमित झाड़ू लगाई गई और न ही घरों व सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा उठाया गया. कई जगहों पर कचरे का ढेर लग गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
नई एजेंसी पर मजदूरी में कटौती का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि नई एजेंसी द्वारा सफाई कार्य का जिम्मा संभालने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है. उनका आरोप है कि पहले की तुलना में कम मजदूरी दी जा रही है. जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. सफाई कर्मियों ने मांग की कि सभी कर्मचारियों को न्यूनतम 12 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए. उनका कहना है कि मौजूदा भुगतान से परिवार का भरण-पोषण सम्मानजनक तरीके से संभव नहीं है.
मास्क, जूता और ड्रेस तक नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एजेंसी की ओर से उन्हें सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं. कर्मियों का कहना है कि बिना मास्क, दस्ताने, जूते और ड्रेस के उन्हें गंदगी के बीच काम करना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना रहता है.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शनकारी कर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. कर्मचारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. सफाई व्यवस्था ठप होने की सूचना मिलते ही नगर पंचायत प्रशासन सक्रिय हो गया. अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत शुरू की और उनकी समस्याओं को सुनने का भरोसा दिया.
जल्द समाधान की उम्मीद
नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि सफाई कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. प्रशासन को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए जल्द ही समाधान निकल जाएगा और नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था फिर से सामान्य हो जाएगी. इस पूरे विवाद ने नगर निकायों में निजी एजेंसियों के माध्यम से कराए जा रहे सफाई कार्यों की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजर प्रशासन और सफाई कर्मियों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हुई है.
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