सीवान से पंकज कुमार की रिपोर्ट
Siwan News: बड़हरिया थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में बीते 30 मई को शहजाद की पीट-पीट कर हुई हत्या मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. घटना के बाद बुधवार को पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि शिवराजपुर गांव निवासी श्यामुद्दीन शाह के पुत्र शहजाद अली को बीते 30 मई को चोरी के आरोप में घर से ग्रामीण बुला कर ले गए और पीट-पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. बाद में पुलिस टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी मौत हो गई थी. परिजनों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले के अनुसंधान के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें दो नाबालिग हैं. वायरल फुटेज और प्राथमिकी के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
कुर्सी पर बैठे रहे पुलिसकर्मी, जमीन पर तड़पता रहा शहजाद
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ फुटेज तेजी से वायरल हुए, जिसमें देखा गया कि शिवराजपुर गांव में कुर्सी पर दो पुलिसकर्मी बैठे हुए हैं. शहजाद का हाथ बांधकर उसे जमीन पर फेंका हुआ है और वह तड़प रहा है. लेकिन डायल-112 की पुलिस और आरोपी हंसते हुए बातें कर रहे हैं. इसी दौरान शहजाद की स्थिति गंभीर होती गई और उसकी मौत हो गई.
भीड़ के कब्जे से युवक को नहीं छुड़ाने पर दारोगा सस्पेंड
इधर शहजाद अली की हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. मामले की समीक्षा के बाद डायल-112 पर तैनात पुलिस अवर निरीक्षक संजीव कुमार को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दो गृहरक्षकों नन्दजी यादव और मुक्तिनाथ के अनुबंध निरस्तीकरण की कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. वहीं बड़हरिया के थानाध्यक्ष छोटन कुमार से भी 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डायल-112 पर तैनात पु.अ.नि. संजीव कुमार को सूचना मिली थी कि शिवराजपुर गांव में एक चोर को ग्रामीणों ने पकड़ रखा है. आरोप है कि सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचने के बावजूद उन्होंने युवक को भीड़ के कब्जे से मुक्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में लेने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उसे वहीं छोड़ दिया. इसके बाद ग्रामीणों द्वारा युवक शहजाद अली के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई. मामले की प्रारंभिक जांच में संबंधित पुलिस पदाधिकारी और डायल-112 पर तैनात कर्मियों की ओर से कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा पुलिस दायित्वों के निर्वहन में गंभीर त्रुटि सामने आई है.
मामले में ग्रामीणों ने बताया कि जिस समय पुलिस शिवराजपुर गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंची, उस समय शहजाद बंधक बनी स्थिति में जमीन पर लेटा हुआ था. वह गंभीर चोट के कारण तड़प रहा था. लेकिन पुलिस शहजाद की बजाय आरोपियों की बातें सुनती रही. यदि समय से शहजाद का इलाज हुआ होता तो उसकी जिंदगी बच सकती थी.
घटनास्थल पर कई बार पहुंचे एसपी
एसपी में बताया कि सूचना मिली तो मैं स्वयं घटनास्थल पर पहुंचा. इसके अलावा भी हमने कई बार घटनास्थल का जांच किया है. अनुसंधान और एकत्रित साक्ष्य के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है. अभी 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बड़हरिया की पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश बनाई हुई है. कोर्ट से वारंट मिलने के बाद लगातार छापेमारी की जा रही है.
खौफ के साये में गुजर रही जिंदगी
बताया जाता है कि कुछ साल पहले शहजाद के भाई की हत्या भी कर दी गई थी. हालांकि उस समय परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया था और ना ही प्राथमिक दर्ज कराया था. लेकिन शहजाद की पीट-पीट कर हत्या होने के बाद परिजन काफी दहशत के माहौल में हैं. संध्या होते ही वे लोग डर से अपने घर में छुप जा रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी ना हो.
एक नजर में जानें क्या था मामला
सूत्रों से जानकारी के मुताबिक गांव के ही एक व्यक्ति ने शहजाद के ऊपर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था. बीते शुक्रवार को उससे मोबाइल चोरी के संबंध में पूछताछ की गई और स्थानीय पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया गया था. हालांकि साक्ष्य नहीं मिलने के कारण पुलिस ने उसे छोड़ दिया था. पुनः शनिवार को उसे घर से बुलाया गया और मोबाइल के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन वह कुछ नहीं बता सका था. जिस पर आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने उसकी पिटाई कर डाली. ग्रामीणों को शक था कि कहीं शहजाद के अन्य साथी भी मोबाइल चोरी में शामिल न हों. वे लोग बार-बार मोबाइल चोरी के संबंध में शहजाद से पूछते रहे और उसे मारते-पीटते रहे. अंत में गहरी चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई. घटना को लेकर भाकपा-माले समेत राजनीतिक दलों ने लगातार प्रदर्शन भी किया है.
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