Siwan News: (सीवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट)
सीवान के राजेंद्र पथ स्थित छपरा रोड मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर मिट्टी और मलवा छोड़ने के मामले में नगर परिषद ने सख्त कार्रवाई की है. आम लोगों की शिकायत के बाद संबंधित संवेदक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही सड़क पर जमा मलवे को तत्काल हटवा दिया गया है.
निर्माण कार्य ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
राजेंद्र पथ में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नाला निर्माण कार्य कराया जा रहा है. इस दौरान खुदाई से निकली मिट्टी और मलवा सड़क किनारे जमा कर दिया गया था. इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई थी और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. कई जगहों पर जाम जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो रही थी.
राहगीरों और दुकानदारों ने जताई नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़क पर फैले मिट्टी और मलवे के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था. आसपास के दुकानदारों और निवासियों ने भी इस पर नाराजगी जताई. लोगों का कहना था कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम जनता को परेशानी में डालना उचित नहीं है.
शिकायत मिलते ही हरकत में आया नगर परिषद
मामले की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद प्रशासन ने मौके की स्थिति का संज्ञान लिया और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी. अधिकारियों ने पाया कि निर्माण कार्य के दौरान निकाले गए मलवे का उचित निस्तारण नहीं किया गया था और उसे सड़क पर ही छोड़ दिया गया था.
20 हजार का जुर्माना, नियम उल्लंघन का आरोप
नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता ने बताया कि संवेदक पर अस्वच्छता फैलाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के उल्लंघन का आरोप सिद्ध होने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं.
आपत्ति के बाद हटाया गया पूरा मलवा
बुडको के परियोजना निदेशक मिथिलेश कुमार ने बताया कि नगर परिषद की आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए संवेदक को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया. इसके बाद सड़क पर जमा मिट्टी और मलवे को हटवा दिया गया है. अब सड़क पर आवागमन सामान्य हो गया है और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
नियम तोड़ने वालों पर आगे भी होगी कार्रवाई
नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में चल रही सभी विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है. यदि किसी निर्माण एजेंसी की लापरवाही से आम लोगों को परेशानी होती है या नियमों की अनदेखी की जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
