Siwan News: (सीवान से पंकज कुमार की रिपोर्ट)
राजस्थान के फालौड़ी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुई सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मौत के बाद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुओ मोटू रिट याचिका (सिविल) संख्या-09/2025 में पारित आदेश के अनुपालन को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा, अतिक्रमण नियंत्रण एवं दुर्घटना रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई.
हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग पर सख्ती
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के कैरिजवे पर भारी एवं वाणिज्यिक वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित एवं चिन्हित स्थानों पर ही की जाएगी. इसके अनुपालन की जिम्मेदारी एनएचएआई, यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को सौंपी गई है.
अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाने का निर्देश
डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण की पहचान एवं उसे हटाने के लिए नियमित निरीक्षण, पेट्रोलिंग और विशेष जांच दलों के गठन का निर्देश दिया. साथ ही टोल फ्री नंबर 1033 को सक्रिय रखने, शिकायत निवारण तंत्र को प्रभावी बनाने तथा वर्ष में कम से कम दो बार ड्रोन सर्वेक्षण कराने को कहा.
हाईवे किनारे अवैध निर्माण और व्यवसाय पर रोक
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में ढाबा, दुकान एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के निर्माण और संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया गया. अनधिकृत संरचनाओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
एनओसी के बिना नहीं मिलेगा व्यापार लाइसेंस
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि हाईवे सेफ्टी जोन के अंतर्गत आने वाले किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को एनएचएआई की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के बिना व्यापार अनुज्ञप्ति या उसके नवीनीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी. जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट एवं संवेदनशील स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया गया. इन स्थानों पर हाई मास्ट एलईडी लाइट, गति मापक कैमरा तथा चेतावनी संकेतक लगाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया.
एम्बुलेंस और रिकवरी क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक 75 किलोमीटर की दूरी के भीतर बीएलएस एम्बुलेंस एवं रिकवरी क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) के तहत कैमरा, स्पीड डिटेक्टर एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों के प्रभावी संचालन पर भी बल दिया गया.
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें.
Also Read: सीवान में बंद घर से लाखों की चोरी मामले में हिरासत में दो संदिग्ध, पुलिस कर रही पूछताछ
