सीवान: मैरवा प्रखंड स्थित शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (पीटीईसी) में सोमवार से दिशा मॉड्यूल के तहत पांच दिवसीय आवासीय एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों से चयनित 155 शिक्षक-शिक्षिकाएं इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता को मजबूत बनाते हुए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना है.
दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुआ उद्घाटन
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्या डॉ. अंकिता कुमारी, प्रशिक्षण प्रभारी मो. अकरम, व्याख्याता हरेराम दीक्षित, कुमारी विभा, अब्दुल वदूद, डॉ. रामप्रवेश प्रसाद, शैलेंद्र कुमार और जियाउद्दीन आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इसके बाद राष्ट्रगान के साथ प्रशिक्षण सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई.
गतिविधि आधारित शिक्षण और आधुनिक तकनीकों पर रहेगा फोकस
पांच दिनों तक चलने वाले इस आवासीय प्रशिक्षण में प्रतिभागी शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, भाषा एवं गणित की आधारभूत दक्षताओं के विकास, बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही शिक्षण सामग्री निर्माण, समूह कार्य और कक्षा-कक्ष में नवाचारी शिक्षण विधियों का अभ्यास भी कराया जाएगा, ताकि बच्चों के सीखने के परिणामों में सकारात्मक सुधार लाया जा सके.
एफएलएन मिशन प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने का अभियान : डॉ. अंकिता कुमारी
प्राचार्या डॉ. अंकिता कुमारी ने कहा कि एफएलएन प्रशिक्षण केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने का सशक्त अभियान है. उन्होंने कहा कि यदि बच्चे शुरुआती कक्षाओं में पढ़ने, लिखने, समझने और गणना करने की बुनियादी दक्षताओं में निपुण हो जाते हैं, तो उनका संपूर्ण शैक्षिक जीवन अधिक आत्मविश्वासपूर्ण और सफल बनता है. उन्होंने कहा कि शिक्षक इस परिवर्तन के वास्तविक वाहक हैं और प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान तथा नवाचारी शिक्षण पद्धतियां बच्चों के भविष्य को नई दिशा देंगी.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप संचालित हो रहा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण प्रभारी मो. अकरम ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप एफएलएन मिशन का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को आधारभूत भाषा एवं गणितीय दक्षताओं से सशक्त बनाना है. उन्होंने प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने तथा विद्यालयों में सीखी गई शिक्षण विधियों का प्रभावी क्रियान्वयन करने का आह्वान किया.
इसे भी पढ़ें: 1995 से बीजेपी का अभेद्य किला है बांकीपुर, जानिए 1957 से लेकर अब तक कौन-कौन बना विधायक
