Siwan Junction Suspicious Suitcase : सीवान जंक्शन पर शुक्रवार की सुबह फुट ओवरब्रिज पर लावारिस हालत में मिले एक संदिग्ध सूटकेस से यात्रियों और रेलवे सुरक्षा कर्मियों के बीच दहशत का माहौल कायम हो गया. मेटल डिटेक्टर से संकेत मिलने के बाद आरपीएफ ने तत्काल इलाके को घेर लिया और यात्रियों की आवाजाही रोक दी. एहतियात के तौर पर प्लेटफॉर्म संख्या एक से कुछ समय के लिए ट्रेनों का परिचालन भी बंद रखा गया. मामले की जांच के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाने की मांग की गई.
फुट ओवरब्रिज पर दिखा लावारिस सूटकेस
शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे सीवान जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से दो की ओर जाने वाले फुट ओवरब्रिज पर एक सूटकेस लावारिस हालत में दिखाई दिया. संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के जवान सक्रिय हो गए और मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया.
मेटल डिटेक्टर से आवाज आने पर बढ़ी चिंता
आरपीएफ निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव मेटल डिटेक्टर टीम के साथ मौके पर पहुंचे. सुरक्षा कर्मियों ने सूटकेस की जांच शुरू की. जांच के दौरान मेटल डिटेक्टर से संकेत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संभावित जोखिम को देखते हुए तत्काल एहतियाती कदम उठाए.
यात्रियों की आवाजाही पर लगाई गई रोक
सुरक्षा कारणों से सूटकेस के आसपास के इलाके को घेर दिया गया. यात्रियों को वहां से गुजरने से रोकने के लिए स्वचालित सीढ़ी से आवाजाही भी बंद कर दी गई. स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को जब संदिग्ध सूटकेस की जानकारी मिली तो वहां कुछ समय के लिए बेचैनी का माहौल बन गया.
प्लेटफॉर्म नंबर एक से कुछ देर थमा ट्रेनों का परिचालन
संदिग्ध सूटकेस को लेकर एहतियात बरतते हुए प्लेटफॉर्म संख्या एक से कुछ समय के लिए ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया. इससे स्टेशन की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं. करीब 10 बजे प्लेटफॉर्म संख्या एक से ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया.
छपरा से बम निरोधक दस्ते को बुलाने की मांग
आरपीएफ निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव ने पूरे मामले की जानकारी अपने वरीय अधिकारियों को दी. उन्होंने जांच के लिए छपरा से बम निरोधक दस्ते को बुलाने की मांग की. आरपीएफ की ओर से स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही सूटकेस के बारे में कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा.
नगर इंस्पेक्टर भी पहुंचे सीवान जंक्शन
घटना की सूचना मिलने के बाद नगर इंस्पेक्टर अविनाश कुमार भी सशस्त्र बलों के साथ सीवान जंक्शन पहुंचे. उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लिया. पुलिस और आरपीएफ की सक्रियता के बीच स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया.
शुरुआती पूछताछ में यात्री का बताया गया सूटकेस
स्थानीय लोगों और यात्रियों से पूछताछ के दौरान शुरुआती तौर पर जानकारी सामने आई कि सूटकेस किसी यात्री का हो सकता है. हालांकि, सुरक्षा जांच पूरी होने तक इसकी वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी. इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय इलाके को घेरकर रखा.
स्टेशन अधीक्षक ने संभाली स्थिति पर नजर
सीवान जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक मुकेश कुमार सिंह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रहे. आरपीएफ और पुलिस की टीमों ने स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया.
त्वरित कार्रवाई से टली संभावित परेशानी
सीवान जंक्शन जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध सूटकेस मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जिस तरह तत्काल कार्रवाई की, उससे किसी भी संभावित जोखिम को लेकर एहतियात बरता गया. हालांकि, सूटकेस में वास्तव में क्या था, इसका अंतिम निष्कर्ष सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आना था.
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