सीवान में बिचड़ा डालने का समय बीता, सरकारी बीज न मिलने से महंगे दाम पर खरीदने को मजबूर किसान

Siwan Farmer News: धान की रोपनी के लिए कृषि विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा 25 मई से 20 जून तक निर्धारित है. लेकिन आधा समय बीत चुका है. उसके बाद भी प्रखंड के अधिकांश किसानों को अभी तक सरकारी बीज नहीं मिल पाया है.

सीवान से राजन कुमार की रिपोर्ट
Siwan Farmer News:
सीवान के मैरवा में एक तरफ सरकार कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है. वहीं दूसरी तरफ मैरवा प्रखंड के किसान सरकारी उपेक्षा के कारण भारी संकट से जूझ रहे हैं. धान की रोपनी के लिए कृषि विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा 25 मई से 20 जून तक निर्धारित है. लेकिन आधा समय बीत चुका है. उसके बाद भी प्रखंड के अधिकांश किसानों को अभी तक सरकारी बीज नहीं मिल पाया है.

​समय पर बीज नहीं मिलने से किसान परेशान

प्रखंड के किसानों का कहना है कि धान के बिचड़े डालने का यह सबसे उपयुक्त समय है. अब तक लगभग 60 से 70 प्रतिशत किसान अपनी निजी व्यवस्था से या प्राइवेट दुकानों से महंगे दाम पर बीज खरीदकर बिचड़ा डाल चुके हैं. यदि बिचड़ा डालने में और देरी हुई तो इसका सीधा असर धान की पैदावार और गुणवत्ता पर पड़ेगा.

​प्राइवेट दुकानों की मनमानी

सरकारी बीज समय से उपलब्ध नहीं होने का सीधा फायदा स्थानीय प्राइवेट बीज विक्रेताओं को मिल रहा है. बाजार में बीज की मांग बढ़ते ही विक्रेताओं ने दाम बढ़ा दिए हैं. मजबूरन किसानों को निर्धारित सरकारी दर से कहीं अधिक पैसे देकर बीज खरीदना पड़ रहा है. जिससे उनकी लागत बढ़ रही है और खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है.

प्रशासनिक लापरवाही से किसान परेशान

​मैरवा प्रखंड में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 16,002 है. कृषि कैलेंडर के अनुसार धान का बिचड़ा डालने का निर्धारित समय 25 मई से 20 जून तक है. समय सीमा समाप्त होने के कगार पर है. लेकिन प्रखंड के किसानों का एक बड़ा वर्ग सरकारी सहायता से वंचित है. किसान रोजाना कृषि भवन और प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन उन्हें कोरे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल रहा है.

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By Sakshi Kumari

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