Siwan DM: (विवेक कुमार सिंह) सीवान में पंचायत सचिवों की हड़ताल अब भारी पड़ती दिख रही है. पंचायतों में जरूरी सरकारी काम ठप होने और आम लोगों की परेशानी बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 90 पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है. डीएम विवेक रंजन मैत्रेय के आदेश के बाद जिले की पंचायत व्यवस्था में हड़कंप मच गया है.
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर पेंशन तक का काम ठप
पंचायत सचिवों की हड़ताल के कारण पंचायत कार्यालयों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, वंशावली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे थे. ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए कई दिनों तक पंचायत कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा था.
जनगणना-2027 की तैयारी पर भी पड़ा असर
जिला प्रशासन के अनुसार पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति से भारत की जनगणना-2027 की तैयारियों पर भी असर पड़ रहा था. इसके अलावा मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना, 15वीं केंद्रीय वित्त आयोग और पंचायतों के रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य भी बाधित हो गये थे.
चेतावनी के बाद भी काम पर नहीं लौटे सचिव
डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले हड़ताली पंचायत सचिवों को ड्यूटी पर लौटने की चेतावनी दी गई थी. 15 मई को जारी आदेश में सभी सचिवों को 18 मई तक हर हाल में कार्यस्थल पर लौटने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अधिकांश सचिव वापस नहीं लौटे.
पंचायती राज विभाग के निर्देश पर हुई कार्रवाई
लगातार शिकायतें मिलने और सरकारी काम बाधित होने के बाद पंचायती राज विभाग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 90 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. आदेश जारी होते ही पंचायत व्यवस्था में हलचल तेज हो गई है.
निलंबन अवधि में मिलेगा सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता
जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यों को बाधित करना और लगातार अनुपस्थित रहना सेवा नियमों का उल्लंघन है. निलंबन अवधि में संबंधित पंचायत सचिवों को केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.
बीडीओ को एक सप्ताह में आरोप पत्र तैयार करने का निर्देश
प्रशासन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर एक सप्ताह के भीतर जिला पंचायत कार्यालय में जमा कराया जाए. जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
