पांच राइस मिलों से शोकॉज

राइस मिलों द्वारा सीएमआर की आपूर्ति में लगातार हो रही देरी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है. राज्य खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति करने में सुस्ती बरतने वाली पांच बड़ी राइस मिलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

प्रतिनिधि, सीवान.राइस मिलों द्वारा सीएमआर की आपूर्ति में लगातार हो रही देरी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है. राज्य खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति करने में सुस्ती बरतने वाली पांच बड़ी राइस मिलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. डीएम डॉ आदित्य प्रकाश ने इन मिल मालिकों को 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है. तय समय सीमा में जवाब नहीं देने की स्थिति में संबंधित मिलों को काली सूची में डालने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा है कि हर हाल में पांच अगस्त तक चावल मिल जाना चाहिए. जिन पांच मिलों को नोटिस भेजा गया है. उनमें नवदुर्गा एग्रो, कोल्हुआ इंडस्ट्रीज, समृद्धि राइस मिल, किसान राइस मिल और सिंह राइस मिल शामिल हैं. जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा में चावल नहीं देने वाली एजेंसियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा. राइस मिलों की लापरवाही का असर सीधे सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पड़ता है. नोटिस के अनुसार नव दुर्गा एग्रो निर्धारित 367 लॉट में से अब तक केवल 278 लॉट ही आपूर्ति किया है. ल्हुआ इंडस्ट्रीज 243 में से 194 लॉट ही अब तक जमा किया है. समृद्धि राइस मिल ने 229 में से 181 लॉट जमा कर दिया है .किसान राइस मिल ने 199 में से सिर्फ 170. 96 लॉट जमा कर चुका है. 28 लॉट जमा करना रह गया है.वहीं सिंह राइस मिल ने 156 लॉट जमा किया हैं. बताया जा रहा है कि इन राइस मिल को राज्य खाद्य निगम द्वारा लगातार पत्राचार और निर्देश दिए जाने के बावजूद इन राइस मिलों ने पर्याप्त चावल नहीं पहुंचाया है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कुछ मिलें प्रतिदिन केवल 1-2 लॉट ही दे रही हैं जबकि विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि प्रति दिन कम-से-कम 4 से 8 लॉट की आपूर्ति की जानी चाहिए. डीएम का कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक आदेश की अनदेखी नहीं, बल्कि आम जनता के हक पर चोट है. यदि तय समय सीमा में चावल की शत-प्रतिशत आपूर्ति नहीं हुई तो विभागीय कार्रवाई की जायेगी. इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य राइस मिलरों में भी हड़कंप मचा है. कई मिलों ने अपनी आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं, जिला आपूर्ति शाखा ने निगरानी और निरीक्षण की प्रक्रिया और तेज कर दी है. जिलाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश ने कहा कि खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के अंतर्गत चावल की आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले राइस मिलरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. निर्धारित समयसीमा में चावल नहीं देने पर संबंधित मिलों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू होंगी. जिन मिलों को नोटिस जारी किया गया है, यदि वे 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो अनुबंध निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

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Author: DEEPAK MISHRA

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