सीवान में प्रभात इंपैक्ट: पैक्स को 46.69 करोड़ का भुगतान, सीएमआर के अब भी 45 करोड़ रुपये फंसे

प्रभात खबर की खबर के बाद सीवान में पैक्स को सीएमआर की राशि के रूप में 46.69 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. हालांकि, करीब 45 करोड़ रुपये अब भी बकाया हैं और समितियों पर ब्याज का दबाव बना हुआ है.

CMR Payment to PACS in Siwan : खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में किसानों से धान खरीद के बाद तैयार चावल (सीएमआर) की राशि के भुगतान में देरी को लेकर प्रकाशित प्रभात खबर की खबर का असर हुआ है. बिहार राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) से राशि मिलने के बाद जिले की विभिन्न सहकारी समितियों को करीब 46.69 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. हालांकि, इसके बावजूद करीब 45 करोड़ रुपये की राशि अब भी बकाया है. भुगतान में देरी के कारण पैक्स पर बैंक ऋण के ब्याज का दबाव बना हुआ है.

3 सितंबर को प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी खबर

प्रभात खबर ने 3 सितंबर के अंक में ‘एसएफसी के चक्कर में पैक्स पर बढ़ा ब्याज का बोझ, हर माह 75 लाख से अधिक भुगतान’ शीर्षक से पैक्स की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर में बताया गया था कि सीएमआर की राशि समय पर नहीं मिलने के कारण समितियों को सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक से लिये गये कैश क्रेडिट पर लगातार ब्याज चुकाना पड़ रहा है.

खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया और विभिन्न पैक्स को 46.69 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. इससे लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रही समितियों को कुछ राहत मिली है.

65 हजार मीट्रिक टन से अधिक सीएमआर जमा

खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में जिले की 252 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 96,052.582 मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी थी. धान की मिलिंग के बाद तैयार चावल एसएफसी के संग्रहण केंद्रों पर जमा कराया गया.

31 जुलाई 2026 तक जिले की समितियों की ओर से 65,121.68 मीट्रिक टन सीएमआर एसएफसी के संग्रहण केंद्रों पर जमा कराया जा चुका था. इसके एवज में करीब 240.38 करोड़ रुपये की राशि देय है.

कैश क्रेडिट के ब्याज का दबाव बरकरार

धान खरीद के दौरान किसानों को समय पर भुगतान करने के लिए सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से समितियों को कैश क्रेडिट की सुविधा दी गयी थी. अब तक कुल 149.89 करोड़ रुपये की सीसी सीमा रही है, जबकि मुख्यालय की ओर से 46.69 करोड़ रुपये की सीसी सीमा स्वीकृत की गयी है.

सीएमआर की राशि मिलने के बाद बैंक से ली गयी राशि चुकायी जानी है. लेकिन भुगतान में देरी के कारण समितियों को बैंक का ब्याज लगातार देना पड़ रहा है.

डिफॉल्टर होने का खतरा अभी टला नहीं

सीएमआर की पूरी राशि समय पर नहीं मिलने से पैक्स के डिफॉल्टर होने का खतरा भी बना हुआ है. यदि बैंक की देनदारी समय पर जमा नहीं हुई, तो संबंधित समितियों की बैंकिंग स्थिति प्रभावित हो सकती है. डिफॉल्टर घोषित होने की स्थिति में नये वित्तीय वर्ष में संबंधित पैक्स के माध्यम से धान खरीद की व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है.

शेष राशि मिलने पर होगा भुगतान

बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक आसिफ इकबाल ने बताया कि सरकार से राशि मिलने के बाद विभिन्न पैक्स को 46.69 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. शेष राशि प्राप्त होने पर उसका भी भुगतान संबंधित पैक्स को कर दिया जाएगा.

फोटो गोदाम में सीएमआर फोटो प्रकाशित खबर | Prabhat Khabar Network

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By Vivek Kumar

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