पश्चिम बंगाल में विधायक बनने के बाद पहली बार पैतृक गांव पहुंचे रितेश तिवारी, हिलसर बाजार में हुआ भव्य स्वागत

पश्चिम बंगाल के काशीपुर-बेलगछिया से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक रितेश तिवारी ने अपने पैतृक गांव चोरौली पहुंचकर समर्थकों का आभार व्यक्त किया. उनके गांव पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला.

Ritesh Tiwari Bjp Mla: पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी पहचान बनाने के बाद काशीपुर-बेलगछिया विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रितेश तिवारी शनिवार को अपने पैतृक गांव चोरौली पहुंचे. उनके गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया. हिलसर बाजार पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया और फूल-मालाओं से अभिनंदन किया.

कोलकाता में जीत के बाद गांव में बढ़ा उत्साह

भगवानपुर हाट प्रखंड के चोरौली गांव निवासी जगन्नाथ तिवारी के पुत्र रितेश तिवारी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर काशीपुर-बेलगछिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. उन्होंने टीएमसी के तत्कालीन विधायक अतिन घोष को 1,651 मतों के अंतर से हराकर पहली बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की.

रितेश तिवारी की जीत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में भी खुशी का माहौल बन गया था. परिवार और ग्रामीणों ने जीत पर पूजा-अर्चना कर खुशी मनायी थी. अब विधायक बनने के बाद उनके गांव पहुंचने पर एक बार फिर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला.

हिलसर बाजार में ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत

शनिवार को रितेश तिवारी के हिलसर बाजार पहुंचते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक जुट गये. कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और फूलों की माला पहनाकर अभिनंदन किया.

स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह रहा. समर्थकों ने गर्मजोशी के साथ विधायक का स्वागत करते हुए उनके प्रति अपना समर्थन जताया. बाजार में कुछ देर तक स्वागत का सिलसिला चलता रहा.

छात्र जीवन से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

रितेश तिवारी के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र जीवन से भाजपा के साथ जुड़कर हुई बतायी जाती है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने संगठन स्तर पर भी काम किया और पश्चिम बंगाल में पार्टी की गतिविधियों से जुड़े रहे. वर्ष 2016 में भी उन्होंने चुनाव लड़ा था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली थी. 2026 में उन्होंने काशीपुर-बेलगछिया से जीत हासिल कर विधानसभा में जगह बनायी.

2026 के चुनाव परिणाम में रितेश तिवारी को 68,368 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अतिन घोष को 66,717 वोट मिले. दोनों के बीच महज 1,651 मतों का अंतर रहा.

विधायक बनने के बाद पैतृक गांव पहुंचने का अलग महत्व

कोलकाता की राजनीति में सक्रिय रहने वाले रितेश तिवारी के लिए अपने पैतृक गांव पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए भी खास मौका रहा. ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर पश्चिम बंगाल की विधानसभा तक पहुंचने वाले रितेश तिवारी की सफलता को उनके समर्थक गांव के लिए गौरव की बात बता रहे हैं.

स्वागत से अभिभूत विधायक ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र और पैतृक गांव आने पर लोगों का स्नेह और अपनापन हमेशा उत्साह बढ़ाता है.

चुनाव जीतने के बाद बयान को लेकर भी रहे चर्चा में

विधानसभा चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद रितेश तिवारी अपने एक बयान को लेकर भी चर्चा में रहे. मई 2026 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम मतदाताओं को लेकर उनकी टिप्पणी पर विवाद हुआ था. इस बयान की रिपोर्ट राष्ट्रीय स्तर पर भी सामने आयी थी.

हालांकि शनिवार को पैतृक गांव पहुंचने के दौरान मुख्य रूप से उनके स्वागत और गांव के लोगों से मुलाकात को लेकर ही कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया.

बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता रहे मौजूद

स्वागत कार्यक्रम में पूर्व मुखिया सुशील उपाध्याय, बसंत सिंह, अवधेश गिरी, आकाश तिवारी, निखिल कुमार, राम इकबाल कुमार, हरेंद्र तिवारी, रंजीत सिंह, स्वामीनाथ गिरी, गुड्डू तिवारी, आलोक चौधर, अरविंद कुमार, सत्येंद्र कुमार, बंटी पांडेय सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे.

रितेश तिवारी के पैतृक गांव पहुंचने को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और लोगों ने उनसे क्षेत्र के विकास तथा गांव से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की.

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By रंजीत यादव

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