चावल आपूर्ति प्रभावित, डीएम ने सचिव को लिखा पत्र

जिले में फोर्टिफाइड राइस की आपूर्ति में हो रही लगातार देरी अब गंभीर संकट का रूप लेती जा रही है. आरोप है कि फोर्टिफाइड राइस आपूर्तिकर्ता एजेंसियां पैक्स की गाढ़ी कमाई में हिस्सेदारी की मांग कर रही हैं.जिसके कारण जानबूझकर आपूर्ति में विलंब किया जा रहा है. इसका सीधा असर धान खरीद, चावल आपूर्ति और पैक्स की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है.

प्रतिनिधि सीवान. जिले में फोर्टिफाइड राइस की आपूर्ति में हो रही लगातार देरी अब गंभीर संकट का रूप लेती जा रही है. आरोप है कि फोर्टिफाइड राइस आपूर्तिकर्ता एजेंसियां पैक्स की गाढ़ी कमाई में हिस्सेदारी की मांग कर रही हैं.जिसके कारण जानबूझकर आपूर्ति में विलंब किया जा रहा है. इसका सीधा असर धान खरीद, चावल आपूर्ति और पैक्स की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है. जिले में पैक्स द्वारा किसानों से धान की खरीद तो की जा रही है, लेकिन फोर्टिफाइड राइस समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण सीएमआर तैयार नहीं हो पा रहा है. परिणामस्वरूप पैक्स को बैंक ऋण पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है. चावल गिराने में हो रही परेशानी के कारण कई पैक्सों ने धान खरीद भी सीमित कर दी है.जिससे किसानों को मजबूरी में खुले बाजार में औने-पौने दाम पर धान बेचना पड़ रहा है.सूत्रों के अनुसार फोर्टिफाइड राइस आपूर्ति करने वाली एजेंसियों द्वारा पैक्स अध्यक्षों और प्रबंधकों पर कथित रूप से नजराना देने का दबाव बनाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि राशि देने पर ही एफआरके की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. हालांकि इस मामले में किसी भी पैक्स अध्यक्ष या प्रबंधक ने खुलकर सामने आने से परहेज किया है,. फोर्टिफाइड राइस की कमी का असर राइस मिलों पर भी साफ दिखने लगा है.पर्याप्त एफआरके उपलब्ध नहीं होने के कारण कई राइस मिलों में धान की कुटाई प्रभावित हो रही है.इधर एफआरके पहुंचने में हो रही देरी को देखते जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर जिले को समय पर फोर्टिफाइड राइस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. जिलाधिकारी ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया है कि एफआरके की अनुपलब्धता के कारण जिले में धान खरीद और सीएमआर आपूर्ति प्रभावित हो रही है. जिसका सीधा नुकसान किसानों और सहकारी समितियों को उठाना पड़ रहा है.वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने बताया कि फोर्टिफाइड राइस की आपूर्ति धीमी होने की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी द्वारा विभागीय सचिव को पत्र लिखा गया है ताकि समय रहते जिले को पर्याप्त मात्रा में एफआरके उपलब्ध कराया जा सके.उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और आपूर्ति सामान्य कराने के प्रयास किए जा रहे हैं.बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक आसिफ इकबाल ने कहा कि इस तरह की मामला संज्ञान में आया है.अगर लिखित रूप से शिकायत मिलती है तो मुख्यालय को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज करायी जायेगी.उन्होंने कहा कि एफआरके आने में हो रहे विलंब के संबंध में मुख्यालय को पत्र के माध्यम से सूचना दिया गया है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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