222 ग्रामीण सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा

ग्रामीण इलाकों में आवागमन की ब समस्या जल्द दूर होने वाली है. ग्रामीण कार्य विभाग ने जिले की जर्जर हो चुकी सड़कों की मरम्मत और मजबूतीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाया है. विभाग ने पांच वर्ष की मेंटेनेंस अवधि पार कर चुकी कुल 222 ग्रामीण सड़कों के मरम्मत का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है. मंजूरी मिलते ही इन सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

प्रतिनिधि, सीवान. ग्रामीण इलाकों में आवागमन की ब समस्या जल्द दूर होने वाली है. ग्रामीण कार्य विभाग ने जिले की जर्जर हो चुकी सड़कों की मरम्मत और मजबूतीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाया है. विभाग ने पांच वर्ष की मेंटेनेंस अवधि पार कर चुकी कुल 222 ग्रामीण सड़कों के मरम्मत का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है. मंजूरी मिलते ही इन सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में खराब सड़कों की पहचान के लिए डिजिटल माध्यम से ऑनलाइन सर्वे कराया गया.इसके लिए स्थानीय स्तर पर तैनात कनीय अभियंताओं और तकनीकी सहायकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया और विभागीय मोबाइल एप उपलब्ध कराया गया. इसी एप के जरिए सड़कों की स्थिति, टूट-फूट, गड्ढे और मरम्मत की आवश्यकता से जुड़ी पूरी जानकारी मौके से ही अपलोड की गई.सर्वे पूरा होने के बाद सभी आंकड़ों के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है. ऑनलाइन सर्वे में जिले के तीनों ग्रामीण कार्य विभाग प्रमंडलों की सड़कें शामिल की गई हैं. ग्रामीण कार्य विभाग प्रमंडल-एक की 82, प्रमंडल-दो की 87 और महाराजगंज प्रमंडल की 53 सड़कों को मरम्मत के लिए चिह्नित किया गया है. विभाग का कहना है कि इन सड़कों की हालत लंबे समय से खराब थी, जिससे ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों को रोजमर्रा के आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी. स्कूलों के सामने सड़कों पर जेब्रा क्रॉस बनाए जा रहे- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग ने ठोस पहल शुरू कर दी है.ग्रामीण कार्य विभाग महाराजगंज के माध्यम से जिले के विभिन्न स्कूलों के सामने सड़कों पर जेब्रा क्रॉस बनाए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को विद्यालय आते-जाते समय सड़क पार करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. खासकर सुबह और छुट्टी के समय होने वाली भीड़ और तेज रफ्तार वाहनों से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित साइन बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जा सके. 21 किलोमीटर लंबी सड़क का 80 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया- इधर, महाराजगंज से बसंतपुर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य भी तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. करीब 21 किलोमीटर लंबी इस सड़क का 80 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है.यह सड़क पहले काफी जर्जर हो चुकी थी, जिससे लोगों को अनुमंडल मुख्यालय आने-जाने में भारी दिक्कत होती थी. अब इस सड़क के चौड़ीकरण से आवागमन आसान होने की उम्मीद है. करीब 27 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग महाराजगंज द्वारा कराया जा रहा है.कार्यपालक अभियंता मनंजय कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ सड़कों का निर्माण करना है.

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By DEEPAK MISHRA

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