सीवान के राजकीय पॉलिटेक्निक बावंडीह में अभियंता दिवस पर प्रोजेक्ट प्रदर्शनी: छात्रों ने दिखाया तकनीकी हुनर, प्राचार्य ने नवाचार पर दिया जोर

सीवान के राजकीय पॉलिटेक्निक बावंडीह में राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर एक भव्य प्रोजेक्ट प्रदर्शनी का आयोजन हुआ. छात्र-छात्राओं ने अपने तकनीकी ज्ञान और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. प्राचार्य ने व्यावहारिक ज्ञान पर ज़ोर दिया.

Siwan News: जिले के सिसवन प्रखंड अंतर्गत बावंडीह स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान में मंगलवार को राष्ट्रीय अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) के अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा एक भव्य प्रोजेक्ट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इस प्रदर्शनी में संस्थान के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी ज्ञान, रचनात्मक दृष्टिकोण और वैज्ञानिक नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई उपयोगी प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किए.

छात्रों ने मॉडलों के जरिए समझाई आधुनिक तकनीक

प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी नियमित पढ़ाई और प्रायोगिक कक्षाओं के दौरान सीखे गए तकनीकी सिद्धांतों को प्रोजेक्ट के रूप में जीवंत किया:

  • कार्यप्रणाली का प्रदर्शन: छात्र-छात्राओं ने संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और साथी सहपाठियों के समक्ष अपने प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली (वर्किंग मॉडल), वास्तविक उपयोगिता और उनके पीछे काम करने वाले इंजीनियरिंग सिद्धांतों को विस्तार से समझाया.
  • शिक्षकों की सराहना: संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नवाचारी मॉडलों का सूक्ष्म अवलोकन किया, उनके प्रयासों की सराहना की और तकनीकी क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करने के लिए उनका मार्गदर्शन किया.

व्यावहारिक ज्ञान और समस्या समाधान पर प्राचार्य का जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य डॉ. प्रवीण पचौरी ने विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरित किया।

"अभियंता दिवस केवल देश के महान इंजीनियरों के योगदान को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह छात्र-छात्राओं में तकनीकी सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता और जटिल समस्याओं के समाधान की कुशलता विकसित करने का माध्यम है. प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियां किताबी ज्ञान को जमीनी और व्यावहारिक रूप देने का सर्वश्रेष्ठ अवसर प्रदान करती हैं." — डॉ. प्रवीण पचौरी, प्राचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक बावंडीह
प्रदर्शनी में शामिल छात्र | Prabhat Khabar Network

आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास

प्राचार्य ने आगे कहा कि तकनीकी शिक्षा का अंतिम ध्येय सिर्फ परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन की वास्तविक चुनौतियों और आधुनिक उद्योग की जरूरतों के अनुरूप सक्षम बनाना है. इस प्रकार की शैक्षणिक और तकनीकी प्रदर्शनियां छात्रों के भीतर आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और वैज्ञानिक नवाचार का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

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By Abhay Kumar

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