पचरुखी प्रखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध रजिस्ट्रेशन के कई निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालित होने का मामला सामने आया है . आरोप है कि कुछ संस्थान केवल बोर्ड लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि उनके पास स्वास्थ्य विभाग से जरूरी लाइसेंस और मान्यता नहीं है .
मरीजों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
बिना मानकों और नियमों का पालन किए संचालित हो रहे ऐसे अस्पतालों में मरीजों के इलाज को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं . स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे संस्थानों पर कार्रवाई नहीं होने से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो सकता है .
लोगों ने प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की
क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है . लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके .
स्वास्थ्य विभाग ने तैयार शुरू की जांच की प्रक्रिया
प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रिंस अभिषेक ने बताया कि पचरुखी में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित हो रहे कई निजी अस्पतालों की जानकारी विभाग को मिली है . ऐसे संस्थानों की सूची तैयार की जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी .
बिना पंजीकरण अस्पताल चलाना नियमों के खिलाफ
चिकित्सा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण किसी भी अस्पताल या क्लीनिक का संचालन नियमों के विरुद्ध है . उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी .
कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में बढ़ी चर्चा
स्वास्थ्य विभाग की संभावित कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है . लोगों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद अवैध अस्पतालों पर प्रभावी कार्रवाई होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा .
