siwan news. सरकारी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लिखना होगा डीएम-डीइओ का फोन नंबर

शिक्षा विभाग ने जिले के सरकारी विद्यालयों में आपदा से निपटने व छात्रों व अभिभावकों को स्कूल से संबंधित समस्या पहुंचाने के लिए नयी पहल शुरू की है

सीवान. शिक्षा विभाग ने जिले के सरकारी विद्यालयों में आपदा से निपटने व छात्रों व अभिभावकों को स्कूल से संबंधित समस्या पहुंचाने के लिए नयी पहल शुरू की है. सभी सरकारी विद्यालयों में डीएम, डीईओ, बीईओ, थानाध्यक्ष, फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस का मोबाइल नंबर पेंटिंग से लिखवाने का आदेश प्राचार्यों को दिया गया है. ताकि बच्चे, शिक्षक, अध्यापक व अभिभावक शिक्षण कार्य से संबंधित समस्याओं की शिकायत मोबाइल से अधिकारी से तत्काल कर सकें. साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मध्याह्न भोजन में हकमारी नहीं की जा सके, इसके लिए किचन के बाहर मध्याह्न भोजन का मेनू, विद्यालय के बरामदे पर विद्यालय का नाम व यू-डायस कोड पेंटिंग से लिखवाने को कहा गया है.जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में छात्रों के नामांकन के अनुपात में विकास मद की राशि दो माह पहले भेजी गई है. विभाग ने 101 से 250 तक नामांकन वाले विद्यालयों में प्रति विद्यालय 50-50 हजार रुपये भेजे हैं. इन स्कूलों में विकास मद की राशि विद्यालय के विकास पर ही खर्च हो, इसके लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत कम्पोजिट स्कूल ग्रांट की राशि से क्रय की जाने वाली सामग्रियों की सूची जारी की गई है. विद्यालयों में अनुश्रवण कार्य, रंगरोगन, पेंटिंग, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, स्टेशनरी, दरी की खरीदारी (जरूरत के अनुसार) व अन्य कार्यों में ही राशि खर्च करने का निर्देश दिया गया है.

बीआरसी व सीआरसी का भी होगा विकास

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार संकुल संसाधन केंद्र (सीआरसी) के विकास के लिए प्रत्येक सीआरसी को 43 हजार रुपये दिए गए हैं. जिले के सभी सीआरसी को राशि भेज दी गई है. साथ ही प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) को भी दो लाख रुपये भेजे गए हैं.

फर्स्ट एड किट रखना अनिवार्य

विद्यालयों में फर्स्ट एड बॉक्स में रुई, मेडिकल टेप, क्रेप बैंडेज, मरहम-पट्टी, थर्मामीटर, कैंची, दस्ताना, दर्दनिवारक दवा, पैरासिटामोल, पेट दर्द व गैस की दवा, गर्म पानी की बोतल व अन्य जरूरी दवाइयां रखना अनिवार्य किया गया है.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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