बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ ने एक बार फिर राज्यव्यापी सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है. संघ का कहना है कि पंचायती राज विभाग के साथ हुए पूर्व समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया है. यदि 25 जुलाई तक पंचायत सचिवों का एकमुश्त स्थानांतरण नहीं किया गया तो जुलाई माह में ही सभी पंचायत सचिव सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे.
समझौते लागू नहीं होने से पंचायत सचिवों में नाराजगी
संघ के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि पंचायती राज विभाग और संघ के बीच 15 मई 2025 एवं 27 मई 2026 को हुए समझौते के बावजूद अब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई है. इससे राज्यभर के पंचायत सचिवों में नाराजगी बढ़ रही है.
उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर पंचायत सचिव तीसरी बार आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं.
पंचायती राज मंत्री को भेजा गया पत्र
संघ ने बताया कि इस संबंध में 14 जुलाई 2026 को पंचायती राज मंत्री को पत्र भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया है. पत्र में कहा गया है कि जब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपने 3,268 कर्मियों का एकमुश्त स्थानांतरण कर दिया है तो पंचायती राज विभाग 2,005 पंचायत सचिवों का एक साथ स्थानांतरण क्यों नहीं कर रहा है.
25 जुलाई तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
पंचायत सचिव संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 25 जुलाई 2026 तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो राज्य के सभी पंचायत सचिव जुलाई माह में सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे. संघ ने इसकी पूरी जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की बताई है.
आश्वासन के बाद खत्म की थी पिछली हड़ताल
संघ के अनुसार मंत्री, सचिव और निदेशक के आश्वासन के बाद ही 30 मई 2026 से पंचायत सचिवों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया था. लेकिन अब तक वादे पूरे नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश है.
