प्रतिनिधि, सीवान. जिले में धान खरीद की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार लाने का निर्देश दिया है. समीक्षा में पाया गया है कि सात प्रखंडों में धान खरीद का औसत जिला व राज्य स्तर से काफी कम है. इस पर जिलाधिकारी ने मैरवा, गुठनी, बड़हरिया, हसनपुरा, जीरादेई, महाराजगंज और नौतन के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए लक्ष्य के अनुरूप संतोषजनक प्रगति सुनिश्चित करने को कहा है.डीएम ने सभी बीसीओ को निर्देश दिया कि धान खरीद में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए ताकि वास्तविक लाभार्थियों को समय पर भुगतान और सुविधा मिल सके. बैठक में यह भी सामने आया कि बलहु पैक्स राइस मिल, महाराजगंज में बिजली कनेक्शन नहीं रहने के कारण तथा हसुआ पैक्स राइस मिल में अध्यक्ष और प्रबंधक के बीच विवाद एवं पहुंच मार्ग की समस्या के कारण दोनों मिलों का अनुमोदन फिलहाल नहीं किया गया है.डीसीओ ने बताया कि हसुआ पैक्स के अध्यक्ष और प्रबंधक के बीच आपसी समझौता हो गया है. इस पर निर्देश दिया गया कि प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी स्थल पर जाकर रास्ते व अन्य बिंदुओं की भौतिक जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करें. चावल जमा होने के समय अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे गुण नियंत्रक समीक्षा के दौरान बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक ने जानकारी दी कि बार-बार संपर्क के बावजूद आपूर्तिकर्ताओं द्वारा इंडेंट के विरुद्ध पर्याप्त मात्रा में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. एफआरके की कमी के कारण कस्टम मिल्ड राइस के संग्रहण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और चावल प्राप्ति की गति काफी धीमी हो गई है. बताया गया कि 12 राइस मिलों द्वारा कुल 3710 क्विंटल एफआरके का इंडेंट किया गया, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 685.50 क्विंटल ही आपूर्ति हो सकी है.डीएम ने सीएमआर केंद्रों पर प्रतिनियुक्त गुणवत्ता नियंत्रकों को निर्देश दिया कि चावल जमा होने के समय अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर प्रत्येक लॉट की गुणवत्ता की विस्तृत जांच के बाद ही सीएमआर स्वीकार किया जाए. सहायक गोदाम प्रबंधकों को भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि बिना गुणवत्ता जांच के किसी भी परिस्थिति में सीएमआर जमा न करें.जिले में वर्तमान में 252 समितियों के माध्यम से धान की खरीद जारी है. अब तक 10,187 किसानों से 57 हजार 935 टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि 6,177 टन सीएमआर जमा कराया गया है. प्रशासन ने खरीद और मिलिंग प्रक्रिया को तेज कर निर्धारित लक्ष्य समय पर प्राप्त करने पर जोर दिया है. धान खरीद की तिथि 31 मार्च तक विस्तारित करने उठी मांग राइस मिलरों और पैक्स अध्यक्षों ने भी एफआरके आपूर्ति बाधित होने की समस्या उठाई है. उनका कहना है कि एफआरके उपलब्ध नहीं होने से पैक्स द्वारा खरीद किये गये धान सीएमआर तैयार कर एसएफसी को समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रहा है. कई विधायकों ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है.उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए धान खरीद की तिथि 31 मार्च तक विस्तारित करने तथा राइस मिलरों को एफआरके की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की गई है.डीएम ने संबंधित विभागों को आपूर्ति तंत्र मजबूत करने, समन्वय बढ़ाने और जमीनी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं.जिससे किसानों, पैक्स और मिलरों को राहत मिल सके तथा खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे.
सात प्रखंडों में धान खरीद औसत से नीचे
जिले में धान खरीद की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार लाने का निर्देश दिया है. समीक्षा में पाया गया है कि सात प्रखंडों में धान खरीद का औसत जिला व राज्य स्तर से काफी कम है.इस पर जिलाधिकारी ने मैरवा, गुठनी, बड़हरिया, हसनपुरा, जीरादेई, महाराजगंज और नौतन के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए लक्ष्य के अनुरूप संतोषजनक प्रगति सुनिश्चित करने को कहा है
