सीवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
Siwan News : सारण जिले की पैक्स और व्यापार मंडल समितियों के लिए 31 जुलाई की तिथि बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है. निर्धारित समय सीमा तक कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की शत-प्रतिशत आपूर्ति नहीं करने वाली समितियां एक अगस्त से स्वतः भंग मानी जाएंगी. इसके बाद संबंधित समितियों में तीन माह के भीतर नई कार्यकारिणी का चुनाव कराया जाएगा. साथ ही वर्तमान कार्यकारिणी के सभी सदस्य अगले पांच वर्षों तक समिति का चुनाव लड़ने के अयोग्य हो जाएंगे.
अब भी 4,570 मीट्रिक टन से अधिक सीएमआर की आपूर्ति बाकी
जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान जिले की पैक्स और व्यापार मंडल समितियों ने 96,047.382 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी. इसके बदले राज्य खाद्य निगम को 65,079.480 मीट्रिक टन कस्टम मिल्ड राइस उपलब्ध कराना है. अब तक 60,508.592 मीट्रिक टन सीएमआर जमा कराया जा चुका है, जबकि 4,570.888 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति अभी शेष है.
विभाग ने इसे बताया अंतिम मौका
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पहले सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की थी. बाद में विभागीय अधिसूचना के माध्यम से इसे बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है और इसके बाद समय सीमा बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं है. सभी समितियों को खरीदे गए धान के अनुरूप शत-प्रतिशत सीएमआर राज्य खाद्य निगम के संग्रहण केंद्रों पर जमा कराना अनिवार्य होगा.
एक अगस्त से समितियां मानी जाएंगी भंग
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कहा कि जिन समितियों के पास 31 जुलाई के बाद भी सीएमआर लंबित रहेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई स्वतः प्रभावी हो जाएगी. ऐसी समितियां एक अगस्त से भंग मानी जाएंगी. इसके बाद तीन माह के भीतर चुनाव कराकर नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा. वर्तमान कार्यकारिणी के सभी सदस्य अगले पांच वर्षों तक समिति के चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे.
मिलरों से समन्वय बनाकर जल्द करें आपूर्ति
डीसीओ सौरभ कुमार ने सभी पैक्स अध्यक्षों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों से शेष सीएमआर की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जिन समितियों के पास अभी भी चावल की आपूर्ति लंबित है, वे मिलरों के साथ समन्वय स्थापित कर मिलिंग कार्य तेजी से पूरा कराएं और बिना विलंब के राज्य खाद्य निगम के संग्रहण केंद्रों पर सीएमआर जमा करें. समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी समिति को अतिरिक्त अवसर नहीं दिया जाएगा.
समय पर आपूर्ति से पूरी होगी धान निष्पादन प्रक्रिया
विभाग का मानना है कि यदि सभी समितियां 31 जुलाई तक शेष सीएमआर की आपूर्ति पूरी कर देती हैं तो किसानों से खरीदे गए धान के निष्पादन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाएगी. वहीं समय सीमा की अनदेखी करने वाली समितियों को नियमानुसार सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में जिले की सभी समितियों के सामने निर्धारित समय के भीतर लक्ष्य पूरा करने की बड़ी चुनौती है.
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