सीवान: नौतन प्रखंड मुख्यालय स्थित नौतन बाजार इन दिनों अतिक्रमण और भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है. मुख्य सड़क से लेकर बाजार की गलियों तक दुकानदारों ने फुटपाथ और सड़क के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा रखा है. वहीं, ठेला-खोमचा संचालकों ने भी मुख्य मार्गों के किनारे अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है. इसके कारण सड़क की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है और लोगों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.
मदन मोड़ से प्रखंड मुख्यालय तक दिनभर जाम
नौतन बाजार में सबसे खराब स्थिति मदन मोड़ से प्रखंड मुख्यालय के बीच देखने को मिल रही है. सुबह स्कूल खुलने के समय और शाम के व्यस्त बाजार के दौरान वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. जाम इतना गंभीर हो जाता है कि वाहन आधे घंटे तक रेंगते रहते हैं.
सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती. ऐसे में लोग मजबूरी में सड़क के बीच से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
जाम और अतिक्रमण का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, बाजार में अव्यवस्था के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.
आपात स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन भी जाम में फंस जाते हैं. इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और आपात स्थिति में राहत कार्य शुरू करने में परेशानी हो सकती है.
नाले पर भी दुकानें, जल निकासी की समस्या
नौतन बाजार में सिर्फ सड़क और फुटपाथ ही अतिक्रमण की चपेट में नहीं हैं, बल्कि पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों पर भी दुकानें और सामान लगाए जा रहे हैं. इससे नालियों की सफाई और जल निकासी प्रभावित हो रही है.
बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर होने की आशंका रहती है. लोगों का कहना है कि सड़क पर अतिक्रमण और नालों पर कब्जे के कारण बाजार की यातायात व्यवस्था के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.
अतिक्रमण हटाओ अभियान पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों और बाजारवासियों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से चलाया जाने वाला अतिक्रमण हटाओ अभियान महज औपचारिकता बनकर रह गया है. अभियान के दौरान कुछ समय के लिए सड़क खाली हो जाती है, लेकिन अधिकारियों के लौटते ही दोबारा उसी जगह दुकानें और ठेले लग जाते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लगातार निगरानी और सख्ती नहीं होने के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं. लोगों ने मांग की है कि सिर्फ अभियान चलाने के बजाय स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
दुकानदार बोले- मजबूरी में बाहर रखना पड़ता है सामान
दूसरी ओर, कुछ दुकानदारों का कहना है कि दुकानें छोटी हैं और बाजार में व्यापारिक प्रतिस्पर्धा अधिक है. ऐसे में ग्राहकों को सामान दिखाने और बिक्री के लिए उन्हें दुकान के बाहर सामान रखना पड़ता है.
हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि व्यापार करना सभी का अधिकार है, लेकिन सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर लोगों की आवाजाही बाधित करना उचित नहीं है. लोगों ने प्रशासन से दुकानदारों और ठेला-खोमचा संचालकों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था करने की मांग की है.
वेंडिंग जोन बनाने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से नौतन बाजार की अतिक्रमण और जाम की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है. लोगों का सुझाव है कि ठेला-खोमचा संचालकों के लिए अलग वेंडिंग जोन निर्धारित किया जाए, ताकि उनका रोजगार भी चलता रहे और मुख्य सड़क पर जाम की समस्या भी समाप्त हो.
लोगों ने बाजार में नियमित अतिक्रमण जांच, नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है.
सीओ ने कहा- जल्द अतिक्रमण मुक्त होगी सड़क
इस संबंध में अंचल पदाधिकारी शशी कुमारी ने कहा कि नौतन बाजार की सड़क को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ अभियान तक सीमित रहती है या नौतन बाजार को स्थायी रूप से अतिक्रमण और जाम से मुक्ति मिलती है.
