Siwan News : शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2513 मामलों का निष्पादन किया गया. इनमें फौजदारी के 807, बैंक से संबंधित 1047, विभिन्न ग्राम कचहरियों के 272 और परिवहन विभाग से जुड़े 332 मामलों का निस्तारण हुआ. मामलों के त्वरित निष्पादन में न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं और विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने सहयोग किया.
बैंक मामलों में साढ़े पांच करोड़ की समझौता राशि तय
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बैंक से संबंधित मामलों के निस्तारण में बैंक पदाधिकारियों ने वरीय अधिकारियों से विमर्श कर पक्षकारों को अतिरिक्त छूट भी प्रदान की. बैंक से जुड़े मामलों में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की समझौता राशि तय हुई. इसमें लगभग चार करोड़ रुपये नगद अथवा किस्तों के माध्यम से प्राप्त करने की शर्त पर मामलों का निष्पादन किया गया.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी हुआ फौजदारी मामलों का निष्पादन
फौजदारी मामलों के निष्पादन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का भी सहारा लिया. इससे मामलों की सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिली. वहीं, विभिन्न ग्राम कचहरियों में लंबे समय से लंबित 272 मामलों का भी निष्पादन किया गया.
332 परिवहन मामलों का हुआ निस्तारण
परिवहन विभाग की ओर से काटे गये चालान से संबंधित मामलों में 332 पक्षकार लोक अदालत में उपस्थित हुए. सुनवाई के बाद इन सभी मामलों का निस्तारण किया गया. लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से समाधान का अवसर मिला.
अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन की अपील
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अपर जिला न्यायाधीश शशिकांत राय और उमाशंकर प्रसाद ने न्यायिक पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पक्षकारों से सकारात्मक भाव के साथ अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन में सहयोग करने की अपील की. अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह एवं महासचिव अजय कुमार त्रिपाठी ने भी अधिवक्ताओं से पक्षकारों को लोक अदालत के लाभ और प्रक्रिया की जानकारी देने तथा मामलों के निष्पादन में सहयोग करने की अपील की.
19 न्यायिक पीठों में हुई मामलों की सुनवाई
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 19 न्यायिक पीठों का गठन किया गया था. इन पीठों में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मनोज कुमार, अपर जिला न्यायाधीश उमाशंकर, मोनिशा सिंह, मनोज कुमार, चांदनी गुप्ता, बबीता सिंह, नीतीश कुमार पंजियार, अमन पपनानी, कंचन यादव, कमलेश कुमार सिंह, कुमारी डिंपी, अजेन्द्र कुमार, कुमारी सुलोचना, अश्वनी कुमार राय, जितेंद्र सिंह, दीपक कुमार, नूपुर प्रियदर्शी, सुरेंद्र कुमार एवं सुबोध कुमार राय ने मामलों की सुनवाई की.
पैनल अधिवक्ताओं ने भी किया सहयोग
लोक अदालत में पैनल अधिवक्ताओं के रूप में कमल किशोर सिंह, पंकज कुमार सिंह, संगीता सिंह, विजय कुमार पांडेय, विनय कुमार, राजकुमारी देवी, गणेशाराम, मुन्ना शर्मा, कुमारी पूजा पाठक, ज्ञानेंद्र शंकर श्रीवास्तव, कुमारी सुमन यादव, शैलेंद्र कुमार, सुमित कुमार, सौरभ, अभिषेक कुमार सिंह, नागेंद्र सिंह, परशुराम सिंह, अनिता कुमारी, उत्तम कुमार सिंह एवं मोहम्मद आजाद अली ने सहयोग किया.
सचिव ने प्रत्येक पीठ के कार्यों की समीक्षा की
प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी प्रत्येक पीठ में कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते रहे. लोक अदालत के कार्य में रंजीत दुबे, दीपक मिश्रा, अतुल कुमार, जयप्रकाश प्रसाद एवं सुनीति श्रीवास्तव सहित अन्य कर्मियों ने आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
सफल आयोजन पर जताया संतोष
समापन सत्र में अपर जिला न्यायाधीश शशिकांत राय एवं प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने मामलों के निष्पादन को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संतोष व्यक्त किया. उन्होंने लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और पक्षकारों के प्रति आभार व्यक्त किया.
