53 सूअरों की रहस्यमय मौत, संक्रामक बीमारी की आशंका

.भगवानपुर प्रखंड के हुलेसरा गांव में पिछले तीन दिनों के भीतर 53 सूअरों की संदेहास्पद हालात में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है.शनिवार की सुबह जैसे ही सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद और जिला सर्वेक्षण पदाधिकारी सह एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. विकास कुमार को इसकी सूचना मिली, पूरा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया.मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से निगरानी शुरू कर दी है.

प्रतिनिधि,सीवान.भगवानपुर प्रखंड के हुलेसरा गांव में पिछले तीन दिनों के भीतर 53 सूअरों की संदेहास्पद हालात में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है.शनिवार की सुबह जैसे ही सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद और जिला सर्वेक्षण पदाधिकारी सह एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. विकास कुमार को इसकी सूचना मिली, पूरा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया.मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से निगरानी शुरू कर दी है. सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को तत्काल मेडिकल टीम भेजकर मौत के कारणों की गहन जांच कराने का निर्देश दिया. साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और एएनएम को भी गांव और आसपास के क्षेत्रों में सतर्क निगरानी रखने को कहा गया है, ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सूअरों में अचानक कमजोरी, तेज बुखार, सुस्ती और कुछ मामलों में गिरकर मरने जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे.देखते ही देखते सूअरों की मौत की संख्या बढ़ती चली गई.पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लक्षण अफ्रीकन स्वाइन फीवर, क्लासिकल स्वाइन फीवर या फिर किसी प्रकार की विषाक्तता की ओर इशारा कर सकते हैं.इस संबंध में जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. एहसानुल होदा ने बताया कि बड़ी संख्या में सूअरों की मौत की जानकारी शनिवार को मिली है. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर पहले से पशुपालन विभाग के डॉक्टर सूअरों का इलाज कर रहे थे.प्रथम दृष्टया यह मामला ठंड के कारण मौत का भी हो सकता है, लेकिन स्वाइन फीवर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.डॉ. होदा ने बताया कि डॉ. आनंद कुमार के नेतृत्व में पशुपालन विभाग की मेडिकल टीम गांव में भेजी गई है. टीम को मृत सूअरों के सीरम और विसरा के सैंपल लेने का निर्देश दिया गया है. इन सैंपलों को जांच के लिए पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना भेजा जाएगा, ताकि बीमारी की पुष्टि हो सके.उन्होंने यह भी बताया कि राज्य स्तर से लगातार संपर्क किया जा रहा है और संभव है कि सोमवार को स्टेट मेडिकल टीम भी हुलेसरा गांव पहुंचकर जांच करे. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किसी गंभीर संक्रामक बीमारी के कारण हुई है या किसी अन्य वजह से. प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि मृत सूअरों को खुले में न फेंकें, उनके संपर्क में आने से बचें और किसी भी असामान्य लक्षण की जानकारी तुरंत पशुपालन या स्वास्थ्य विभाग को दें. स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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By DEEPAK MISHRA

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