सीवान नगर परिषद का 19 वर्षीय एजेंसी कर्मी हुआ हादसे का शिकार, इलाज के लिए गोरखपुर ले जाने में हुई मौत

सीवान में एक 19 वर्षीय सफाई सुपरवाइजर की सड़क दुर्घटना में दुखद मौत हो गई. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

Siwan News : सीवान नगर परिषद में सफाई कार्य से जुड़ी एजेंसी में सुपरवाइजर के रूप में काम करने वाले 19 वर्षीय मंथन कुमार पांडेय की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी. हादसा मैरवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर ओवरब्रिज के पास हुआ. दुर्घटना के बाद गश्ती में निकली डायल 112 की पुलिस ने घायल मंथन को मैरवा रेफरल अस्पताल पहुंचाया. वहां से चिकित्सकों ने उसे सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया.

सीवान सदर अस्पताल से भी बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किया गया. परिजन उसे गोरखपुर ले जा रहे थे, इसी दौरान गुठनी मोड़ के आसपास रास्ते में उसकी मौत हो गयी.

मृतक के बड़े भाई मोहित कुमार पांडेय ने मैरवा थाने में दिये आवेदन में बताया है कि मंथन सीवान नगर परिषद के एक एजेंसी के सुपरवाइजर का काम करता था. घर में किसी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर वह बाइक से अपने गांव सरहरवा जाने के लिए सीवान से निकला था. इसी दौरान लक्ष्मीपुर ओवरब्रिज के पास उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. हादसे में मंथन गंभीर रूप से घायल हो गया और बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गयी. आवेदन में मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है.

इधर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया.मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने इस घटना के बाद सफाई एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद में एनजीओ के माध्यम से काम करने वाले कर्मियों से कई बार रात में भी काम कराया जाता है, लेकिन उनकी सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जाती.

उनका कहना है कि मंथन की मौत के बाद भी घटना के दो दिन तक किसी अधिकारी या ठेकेदार के मृतक के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचने की बात सामने आयी है. घायल ऋषि राज का भी हालचाल नहीं लेने का आरोप लगाया गया है. अमित कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई एजेंसी में काम करने वाले कर्मियों का ईपीएफ और ईएसआईसी नहीं कराया गया है. इससे कर्मियों को मिलने वाले लाभ से वंचित होने की बात कही गयी है.

उन्होंने कहा कि नगर परिषद के 30 वार्डों में सफाई कार्य के लिए तीन एजेंसियां काम कर रही हैं और करीब 465 कर्मियों का समझौता हुआ है, जबकि धरातल पर इससे काफी कम कर्मियों के काम करने का दावा किया गया है. उन्होंने कर्मियों के वेतन से कटौती और शिकायतों पर सुनवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया.

यूनियन नेता ने कहा कि मंथन की मौत ने सफाईकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये हैं. घटना के विरोध में बुधवार को दोपहर 12 बजे नगर परिषद परिसर में शोकसभा आयोजित की जाएगी. इसमें सफाईकर्मी एकत्र होकर मंथन कुमार पांडेय को श्रद्धांजलि देंगे और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे.

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By Vivek Kumar

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