Saran News : बड़हरिया प्रखंड के शीतल प्रसाद उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज, भीमपुर का शनिवार को विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय में चल रहे पठन-पाठन की स्थिति का जायजा लेने के साथ छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति की भी जांच की. शिक्षकों की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल होकर विधायक ने गुरु की भूमिका और जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला.
गुरु की परंपरा ने समाज को दी नई दिशा
शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल ने कहा कि भारतीय समाज में गुरुओं की समृद्ध परंपरा रही है. समाज के निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रवाह में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. आज भी शिक्षक समाज का पुरोहित है और इस परंपरा को कायम रखने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण भी करते हैं. इसलिए शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए.
पठन-पाठन से लेकर प्रयोगशाला तक का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान विधायक ने विद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली. उन्होंने प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और अन्य भौतिक संसाधनों का भी निरीक्षण किया. इस दौरान उपलब्ध संसाधनों की स्थिति और उनके उपयोग के बारे में शिक्षकों से जानकारी ली गयी.
विधायक ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति की भी जांच की. उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल बनाए रखने की बात कही.
शिक्षक दिवस पर दी शुभकामनाएं
विधायक ने विद्यालय के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर दिशा देने में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार करते हैं.
उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की. साथ ही विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनके शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा.
कार्यक्रम में कई लोग रहे मौजूद
मौके पर विद्यालय के तमाम शिक्षकों के साथ जदयू मीडिया सेल के जिलाध्यक्ष राजीव रंजन पटेल, पंकज सिंह, गुड्डू सिंह, वैद्यनाथ सिंह, मुलुक राज सिंह, लालबहादुर सिंह, दशरथ चौबे, रघु सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे.
