सीवान में मुख्यमंत्री गली-नाली योजना की राशि में गड़बड़ी का आरोप, दो महिलाओं पर केस दर्ज

मैरवा के कबीरपुर पंचायत में मुख्यमंत्री गली-नाली योजना के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। तत्कालीन समिति अध्यक्ष और सचिव पर लाखों की राशि रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

मैरवा प्रखंड अंतर्गत कबीरपुर पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. मुख्यमंत्री गली-नाली पक्कीकरण योजना के तहत आवंटित लाखों रुपये की राशि को गलत तरीके से रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करने के आरोप में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

वार्ड संख्या-05 में भुगतान में मिली गड़बड़ी

प्राप्त जानकारी के अनुसार कबीरपुर पंचायत के वार्ड संख्या-05 में मुख्यमंत्री गली-नाली योजना के तहत कराए गए कार्यों के भुगतान में अनियमितता पाई गई. आरोप है कि काम करने वाली वास्तविक एजेंसी को भुगतान करने के बजाय तत्कालीन वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति की अध्यक्ष नीतू कुमारी और सचिव सुनीता कुमारी ने मिलीभगत कर सरकारी राशि को अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेज दिया.

हाई कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ मामला

मामला हाई कोर्ट में चल रहा था. हाई कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया. इसके बाद बीडीओ ने पंचायत सचिव को आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया.

थाना में आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 318(4) के तहत कांड संख्या 321/26 दर्ज कर लिया है. पुलिस अब आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है.

चार सड़क निर्माण कार्यों की राशि में गड़बड़ी का आरोप

जांच में सामने आया है कि चार अलग-अलग सड़क निर्माण कार्यों के लिए आवंटित राशि का भुगतान वेंडर उद्यम सिंह पेवर ब्लॉक को नहीं किया गया. आरोप है कि कागजी प्रक्रिया में हेरफेर कर राशि अन्य खातों में भेज दी गई.

मामला सामने आने के बाद दबाव बढ़ने पर कुछ राशि वापस किए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि प्रशासन ने सरकारी धन के दुरुपयोग के प्रयास को गंभीर मामला माना है.

स्थानीय लोगों में कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज

घटना के बाद क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की राशि के दुरुपयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में इस तरह की अनियमितता से विकास कार्य प्रभावित होते हैं.

लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग में और कौन लोग शामिल हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.


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