प्रतिनिधि, सीवान. राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 1580 मामलों का निष्पादन किया गया.निष्पादित मामलों में सर्वाधिक बैंक ऋण से जुड़े 1076 मामले थे जबकि फौजदारी के 472 मामले निष्पादित किए गए. फौजदारी मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी पक्षकारों से संपर्क कर मामले निपटाए गये. बैंकों ने समझौता राशि के रूप में लगभग 4:15 करोड़ का लक्ष्य रखा था. उद्घाटन सत्र में प्रधान जिला न्यायाधीश मोतीश कुमार ने कहा कि यह शुभ अवसर है जहां सबको मिल बैठकर आपसी सौहार्द से मामलों को निष्पादन करा लेना चाहिए. इसमें हम सभी न्यायिक पदाधिकारी अपने पद और प्रभाव को छोड़कर उनके साथ हैं. उन्होंने बैंकों के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया कि वे लचीला रुख अपनाएं है ताकि पक्षकार आधिकाधिक मामले निष्पादित करा सके. इस अवसर पर जिलाधिकारी मुकुल कुमार ने कहा कि हमेशा से उनका प्रयास रहा है कि पक्षकारों के बीच सुलह हो और शांतिपूर्ण वातावरण में मामलों का निष्पादन हो. मामलों का निष्पादन कुल 14 न्यायक बैंचो में किया गया. प्रत्येक बेंच में एक-एक न्यायिक पदाधिकारी क्रमशः अपर जिला न्यायाधीश उमाशंकर, अमित कुमार पांडे, मनीष पांडे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीव कुमार पांडे, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी क्रमशः अभिषेक कुमार, मनोज कुमार , बबीता सिंह, रवि कुमार, मुंशिफ- हेमंत कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष राय, कमलेश कुमार सिंह, शिवम प्रताप सिंह, आशुतोष गौतम एवं विकास कुमार की उपस्थिति रही. समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश मोतीश कुमार ने निष्पादन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा की सभी के प्रयास से यह उपलब्धि हासिल की गई है और मैं सभी न्यायिक पदाधिकारी, कर्मचारी अधिवक्ताओं स्वंयसेवी संस्थाओं को साधुवाद देता हूं.
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